खंडवा, 10 मई 2026: ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, भाग्योदय भवन, खंडवा में आज चिकित्सा जगत से जुड़े डॉक्टर्स एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए “Mind-Body Medicine” विषय पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सायं 6 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के संतुलन पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. संजय कुमार दादू (डीन, मेडिकल कॉलेज) एवं डॉ. ओ.पी. जुगतावत (मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी) रहे। वहीं विशेष अतिथियों के रूप में डॉ. आशीष जैन (IMA अध्यक्ष), डॉ. रिंकू यादव (IMA सचिव) तथा भ्राता पवन पांडे (वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक, प्रदेश टुडे, जबलपुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिल्पा देसाई (वरिष्ठ फिजिशियन, इंदौर) द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं ने चिकित्सा एवं आध्यात्मिकता के समन्वय पर अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए।
डॉ. शशि खरे (वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने “तनावमुक्त जीवनशैली इन मेडिकल प्रोफेशन” विषय पर अपने अनुभव साझा करते हुए चिकित्सकों के लिए मानसिक संतुलन के महत्व को बताया।
डॉ. लखन सिंह बैस (वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट) ने राजयोग के जीवन में अनुभव विषय पर अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए।
डॉ. श्याकम जी रावत (कैंसर रोग विशेषज्ञ) ने स्वस्थ जीवनशैली पर प्रकाश डाला।
डॉ. एस.एस. ठाकुर (वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ) ने आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व को स्पष्ट किया।
वहीं डॉ. एस.के. पांडे (वरिष्ठ शल्य चिकित्सक) ने “Scientific Facts of Meditation” विषय पर मेडिटेशन के वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान 10 मिनट का एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित चिकित्सकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके पश्चात राजयोगिनी ब्र.कु. उषा दीदी (इंदौर जोन को ऑर्डिनेटर, मेडिकल विंग) द्वारा सभी को 10 मिनट की गहन योगानुभूति कराई गई, जिससे उपस्थित सभी ने आत्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन BK संतोष दीदी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन BK सुरेखा दीदी ने व्यक्त किया। स्वागत भाषण संस्था प्रभारी ब्रह्माकुमारी शक्ति दीदी द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा तिलक एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक किया गया।
यह कार्यक्रम चिकित्सकों के लिए मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध हुआ तथा उन्हें राजयोग एवं मेडिटेशन के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराने में अत्यंत सफल रहा।

















