6 दिसम्बर 2025 को लोकसभा में आबू रोड क्षेत्र से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। जालौर–सिरोही सांसद श्री लुंबाराम चौधरी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के निकट स्थित मानपुर हवाई पट्टी को पूर्ण विकसित एयरपोर्ट बनाने की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की।
सांसद ने कहा कि माउंट आबू न केवल राजस्थान का प्रमुख पर्यटन स्थल है, बल्कि ब्रह्माकुमारी संस्थान का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय होने के कारण यहाँ 140 से अधिक देशों के लाखों लोग प्रतिवर्ष आते हैं। वर्तमान में एयर कनेक्टिविटी केवल अहमदाबाद और उदयपुर के माध्यम से उपलब्ध है, जो यात्रियों के लिए समय लेने वाला और खर्चीला विकल्प है।
उन्होंने यह भी बताया कि आबू रोड और उसके आसपास अंबाजी धाम, सारनेश्वर महादेव, विभिन्न जैन तीर्थ तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थल स्थित हैं, जहाँ देशी-विदेशी यात्रियों का लगातार आवागमन बना रहता है। ऐसे में मानपुर हवाई पट्टी को एयरपोर्ट में बदलना क्षेत्र की अत्यंत आवश्यक आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी संस्थान भी इस दिशा में प्रयासरत है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा प्राप्त हो सके।
सांसद ने अपने वक्तव्य में यह भी स्पष्ट किया कि आबू रोड राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहाँ निर्मित उत्पाद विदेशों में भेजे जाते हैं। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से उद्योगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मानपुर हवाई पट्टी पहले से ही उड़ान योजना में शामिल है और सामाजिक विभाग, आबू द्वारा इसे एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने हेतु ₹100 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। आवश्यक भूमि उपलब्ध होने के कारण परियोजना व्यावहारिक और शीघ्र लागू की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था, उद्योगपति, स्थानीय नागरिक और क्षेत्र के यात्री लंबे समय से इस एयरपोर्ट की मांग कर रहे हैं, जिससे—
- माउंट आबू और अंबाजी आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिले
- अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों का समय बचे
- औद्योगिक विकास को गति मिले
- धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों तक पहुँच आसान बने
अंत में सांसद ने लोकसभा के अध्यक्ष महोदय से अनुरोध किया कि आबू रोड स्थित मानपुर हवाई पट्टी को शीघ्र एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।


























