सुरक्षा बल में रहते हुए चाहे पारिवारिक, सामाजिक अथवा व्यक्तिगत जीवन में तनावपूर्ण परिस्थितियाँ क्यों न आएं, आध्यात्मिक शक्ति व राजयोग मेडिटेशन से उन पर विजय प्राप्त करने की शक्ति विकसित होती है। यह विचार वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी श्रुति दीदी ने सीआरपीएफ की आरटीसी शाखा में महिला प्रशिक्षुओं के बीच आयोजित तनाव मुक्ति कार्यशाला में व्यक्त किये।
बीके श्रुति दीदी ने प्रशिक्षण सत्र में बताते हुए कहा कि डर को समाप्त करने के तीन मंत्र हैं – फेस इट, फाइट इट और फिनिश इट। तनाव से मुक्ति पाने के लिए कभी किसी से तुलना न करें, शिकायत न करें तथा प्रतिस्पर्धा करते हुए भी द्वेष भाव से बचें। आपने महिला जवानों को प्रेरित किया कि मातृ संस्था सीआरपीएफ के प्रति सम्मान रखें, अनुशासन का पालन करें और देश सेवा में त्याग व वफादारी की भावना रखें, तो जीवन में समस्याएँ स्वतः दूर होंगी। सत्र में प्रोजेक्टर के माध्यम से अनेक प्रेजेन्टेशन और वीडियो भी प्रस्तुत किए गए।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की सब जोन संचालिका राजयोगिनी बीके सविता दीदी ने मन की शांति के लिए बाहरी साधनों के बजाय आंतरिक साधना को आवश्यक बताया। आपने महिला प्रशिक्षुओं को यह राज दिया कि मन में बर्फ फैक्ट्री और वाणी में शुगर फैक्ट्री का संचालन करें अर्थात् मन को शीतल रखें और वाणी से मीठे बोल बोलें। इससे संबंध मधुर होंगे, दुआओं की कमाई बढ़ेगी और तनाव स्वतः दूर हो जाएगा। सविता दीदी ने वीडियो के माध्यम से शक्तिशाली आध्यात्मिक विचार प्रस्तुत किए और राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति करवाई, जिससे सभी ने गहरी शांति व तनाव मुक्ति का अनुभव किया।
कार्यक्रम के दौरान डीआईजी श्री अनमोल सूद की धर्मपत्नी श्रीमती आशा सूद एवं कमांडेंट की धर्मपत्नी श्रीमती ठाकुर ने दोनों ब्रह्माकुमारी दीदीयों का शाल पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती आशा सूद ने आभार प्रदर्शन किया।

















