नई दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के इंस्पेक्टर से लेकर SP स्तर के अधिकारियों के लिए ‘स्वरिवर्तन से स्व उन्नति’ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को स्वयं की आदतों, संस्कारों और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से व्यक्तित्व एवं कार्यक्षमता को निखारने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में राजयोग, आत्मचिंतन और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से स्वयं में परिवर्तन लाने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
मुख्य वक्ता राज प्रशिक्षक बी.के. पीयूष भाई ने कहा कि
“हम दूसरों को नहीं, केवल स्वयं को बदल सकते हैं।” उन्होंने बताया कि अपने संस्कारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने से हमारा व्यक्तित्व दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है और श्रेष्ठ समाज के निर्माण की राह प्रशस्त होती है।
लोधी रोड सेवा केंद्र की संचालिका बी.के. गिरजा ने कहा कि कई बार स्वयं में बदलाव लाना कठिन लगता है, लेकिन राजयोग का निरंतर अभ्यास मनोबल को मजबूत करने में सहायक होता है।
कार्यशाला में प्रश्नोत्तर सत्र के साथ योगाभ्यास एवं विभिन्न सामूहिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि परिस्थितियों अथवा दूसरों को बदलने के बजाय स्वयं के विचारों, संस्कारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना आंतरिक शक्ति एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
कार्यक्रम में राजयोग एवं ध्यान के माध्यम से मन को सकारात्मक दिशा देने और जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।



















