प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, रोहतक शाखा के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा स्थानीय राज भवन, निकट रेलवे फाटक, नया बस स्टैंड रोड, रोहतक में भव्य किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। शाश्वत एवं प्राकृतिक कृषि अभियान के अंतर्गत आयोजित इस सम्मेलन में क्षेत्र के लगभग 950 किसान, पंच-सरपंच एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा शाश्वत, प्राकृतिक एवं यौगिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
शाश्वत यौगिक खेती से स्वस्थ जीवन और समृद्ध किसान का संदेश
माउंट आबू, राजस्थान से पधारे मुख्य वक्ता बी.के. राजू भाई जी ने अपने संबोधन में कहा कि
आधुनिक विज्ञान ने कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से अन्न की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने माउंट आबू में विकसित शाश्वत यौगिक खेती के मॉडल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि
परमात्मा की स्मृति और सकारात्मक विचारों के माध्यम से खेती में आध्यात्मिकता का समावेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस पद्धति में किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का उपयोग किए बिना खेती करने पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि देशभर में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के ऐसे 75 मॉडल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बी.के. चंद्रेश भाई जी ने प्राकृतिक खेती के आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
रासायनिक खेती से किसानों की लागत बढ़ती है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके विपरीत, प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान खेती की लागत कम करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
प्रशासन एवं कृषि विभाग ने दिया सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) राजपाल चहल ने कहा कि
जो पंचायतें और किसान प्राकृतिक खेती अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस अभियान की सराहना करते हुए विभाग की ओर से सहयोग का भरोसा दिया। वहीं, बिजली विभाग की जेई दीपिका ने ग्रामीणों को अपने घरों में जैविक सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित किया।
पंच-सरपंचों का सम्मान एवं राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास
सम्मेलन के दौरान विभिन्न गांवों से आए पंचों एवं सरपंचों को मंच पर ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बी.के. चेतना दीदी ने उपस्थित जनसमूह को राजयोग मेडिटेशन का व्यावहारिक अभ्यास कराया। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति, सकारात्मक चिंतन और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से किसानों को जैविक एवं यौगिक खेती के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इन प्रस्तुतियों ने खेती में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन बी.के. राजेंद्र भाई जी ने किया। केंद्र इंचार्ज बी.के. रक्षा दीदी ने सभी अतिथियों, किसानों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
यह किसान सम्मेलन किसानों को प्राकृतिक एवं शाश्वत खेती के प्रति जागरूक करने, कृषि में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने तथा स्वस्थ समाज और समृद्ध गांवों के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाला रहा।






















