24 फरवरी 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभु उपवन, सारनी में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों ने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रभावी और सरल तरीके सीखे।
मुख्य वक्ता के रूप में मुंबई से पधारे प्रोफेसर ई. वी. गिरीश ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि
आध्यात्मिकता धर्म, जाति, लिंग और आयु की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि और समान भाव से देखना सिखाती है। उन्होंने कहा कि सच्ची आध्यात्मिकता स्वयं के लिए, अपने परिवार के लिए और समाज के लिए श्रेष्ठ बनने की प्रेरणा देती है। आज के बदलते और तनावपूर्ण वातावरण में आंतरिक सशक्तिकरण के लिए आध्यात्मिक समझ अत्यंत आवश्यक है।
प्रोफेसर गिरीश ने श्रोताओं को समाज का सजग नागरिक बताते हुए उनके परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति योगदान की सराहना की। उन्होंने छोटे-छोटे व्यावहारिक टिप्स के माध्यम से बताया कि किस प्रकार व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपने मन को सकारात्मक दिशा में स्थिर रखते हुए जीवन मूल्यों को बनाए रख सकता है।
इस अवसर पर सारनी सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी जी ने सभी को ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर आकर निःशुल्क राजयोग प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच अथवा सायं 4:00 बजे से 8:00 बजे के बीच एक घंटे के सत्र के रूप में ब्रह्माकुमारीज़ के किसी भी केंद्र पर उपलब्ध है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित सभी अतिथियों का तिलक लगाकर तथा सम्मान स्वरूप पटका पहनाकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ बैतूल से बी के मंजू दीदी, सारनी से बी के सुनीता दीदी, बी के अर्चना बहन, बी के सुनीता बहन, बी के नंदकिशोर भाई सहित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता सुशील लिल्हौरे, नपा अध्यक्ष किशोर वार्ड, टीआई थाना सारनी, गवर्नमेंट कॉलेज के प्राचार्य तथा अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
यह तीन दिवसीय आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी एवं जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध हुआ।



















