2 जून 2026 को हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित पंथाघाटी सेवा केंद्र द्वारा ऐतिहासिक पीटरहॉफ सभागार में “सेल्फ हीलिंग मेडिटेशन फॉर अ पीसफुल लाइफ” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता एवं ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके सिस्टर शिवानी ने अपने ओजस्वी विचारों के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को शांति, सकारात्मक सोच एवं जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री जी. एस. संधवालिया, जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह धैया, न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर, न्यायाधीश रंजन शर्मा, पूर्व सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह, एसजेवीएन के निदेशक श्री अजय शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं प्रतिष्ठित अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पिछले कई दशकों से आध्यात्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, आत्मिक शांति तथा मानव कल्याण के लिए अनुकरणीय कार्य कर रहा है, जो वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यह संस्था केवल आध्यात्मिक शिक्षा ही नहीं दे रही, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संस्कारों और आत्मविश्वास का भी संचार कर रही है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव, असंतोष और चिंता के बीच ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आत्मचिंतन, ध्यान एवं सकारात्मक जीवनशैली का मार्ग दिखाने के प्रयासों की सराहना की। साथ ही माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय के अपने अनुभव साझा करते हुए सभी को वहां जाकर आत्मिक शांति का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया।
बीके सिस्टर शिवानी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि
वर्तमान समय में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच ही स्वस्थ एवं सफल जीवन की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने कहा कि जीवन की किसी भी परिस्थिति को सुलझाने से पहले अपने संकल्पों को सकारात्मक बनाना आवश्यक है। उन्होंने आत्मपरिवर्तन की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं को बदलने और अपने श्रेष्ठ वाइब्रेशन्स के माध्यम से दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता है। उन्होंने उपस्थित सभी भाई-बहनों को अपने जीवन के लक्ष्यों, कार्यों और सफलताओं के लिए सकारात्मक संकल्प लिखने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश दिया।
बीके सिस्टर शिवानी के दिव्य एवं प्रेरक विचारों को सुनने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 4600 से अधिक भाई-बहनों एवं नागरिकों ने कार्यक्रम का लाभ लिया। कार्यक्रम के दौरान राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से सभी को आंतरिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया गया। यह आयोजन आध्यात्मिक जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।























