वर्ष 2025-26 में हिमाचल की गोद में बसे शांत पर्वतों के बीच, जहां वायु भी ध्यान में डूबी प्रतीत होती है, वहीं सुन्नी (शिमला), हिमाचल प्रदेश के उपसेवा केंद्र द्वारा संपन्न हुई ईश्वरीय सेवाओं की अनुपम झलकियां प्रस्तुत हैं।

इस अवधि में सेवा केंद्र की संचालिका बी के शकुंतला ने राजभवन शिमला में महामहिम राज्यपाल भ्राता शिव प्रताप शुक्ल से भेंट कर उन्हें राखी का आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने मधुबन की टोली तथा पवित्र राखी अर्पित की एवं आत्मस्मृति का तिलक लगाया। इस अवसर पर उपस्थित राजयोगी बी के रेवादास भाई ने उन्हें मधुबन में आयोजित होने वाली ग्लोबल समिट तथा सुन्नी में प्रस्तावित राज्य स्तरीय आध्यात्मिक सम्मेलन का निमंत्रण भी प्रदान किया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्टाफ को भी राखी बांधकर पवित्रता का संदेश दिया गया।

इसी क्रम में ओम शांति भवन, सुन्नी में सातवें राज्य स्तरीय आध्यात्मिक सम्मेलन का भव्य आगाज हुआ, जिसमें लगभग 700 भाई-बहनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद श्री सुरेश चंदेल उपस्थित रहे। इस अवसर पर महसाना (गुजरात) से कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग की अध्यक्षा बी के सवला दीदी, मुख्यालय से संस्था के अतिरिक्त महासचिव बी के डॉ. प्रताप मिड्ढा भाई एवं बी के प्रकाश भाई सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी विचारों से सभा को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ, दीप प्रज्वलन तथा आध्यात्मिक वक्तव्यों के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन सम्मेलन में बी के शकुंतला ने प्रभावशाली वक्तव्य देकर आध्यात्मिक जागृति का दीप प्रज्वलित किया, जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।

कुमारसेन में आयोजित हिंदू सम्मेलन में भी ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ, जहां बी के शकुंतला ने मुख्य वक्ता के रूप में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना एवं राजयोग के महत्व को स्पष्ट करते हुए उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्था को सम्मानित भी किया गया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सुन्नी सेवा केंद्र पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 300 महिलाओं ने भाग लेकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों से आई अतिथि महिलाओं ने भी इस पहल की सराहना की तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण को ही सच्चा उत्थान बताया।

वहीं हरियाणा के पिंजौर में स्वर्णिम हिमाचल जन जागरण समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में वरिष्ठ राजयोगी बी के रेवादास को उत्कृष्ट समाज सेवाओं के लिए भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

इन सभी सेवाओं के माध्यम से सुन्नी उपसेवा केंद्र ने न केवल आध्यात्मिक चेतना का विस्तार किया, बल्कि समाज में नैतिकता, नशा मुक्ति, नारी सशक्तिकरण एवं सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो आने वाले समय के लिए एक उज्ज्वल मार्गदर्शन है।


















