7 सितम्बर 2025, रविवार शाम 4 बजे राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन, विश्व कल्याण सरोवर, सोनीपत (दिल्ली जोन) में शिक्षक–संस्कार और संस्कृति के ध्वजवाहक विषय पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 350 शिक्षकों ने भाग लेकर इसे सफल बनाया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ईश्वरीय स्मृति गीत से हुआ। अतिथियों के स्वागत उपरांत बीके सतीश भाई (प्रबंधक, विश्व कल्याण सरोवर) ने अपने उद्बोधन में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज तकनीक बच्चों को पढ़ा सकती है परंतु उनके अंतर्मन को समझकर उनमें गुणों का संचार केवल शिक्षक ही कर सकता है। दीप प्रज्ज्वलन के बाद मुख्य वक्ता बीके लता दीदी (डेरावल नगर, दिल्ली) ने शिक्षकों की भूमिका बताते हुए कहा कि छात्र जीवन सर्वोत्तम है और शिक्षक विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विचारों की शक्ति, संस्कारों की आवश्यकता और सकारात्मक कर्मों पर विशेष बल दिया तथा उपस्थित सभी शिक्षकों को ध्यान की गहन अनुभूति कराई।
मुख्य अतिथि माननीय श्री नवीन गुलिया (जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत) ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए नैतिक मूल्यों को शिक्षा में शामिल करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि बिजेन्द्र मलिक (जिला भाजपा अध्यक्ष) ने अपने संबोधन में कहा कि माता प्रथम गुरु होती है और शिक्षक भी उसी भूमिका को आगे बढ़ाते हैं।
बीके इन्दर पाल भाई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा सभी शिक्षकों को स्मृति उपहार देकर सम्मानित किया गया। लगभग साढ़े तीन सौ शिक्षकों की उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा और भी बढ़ गई। मंच संचालन का कार्य बीके शुभांगी बहन ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह आयोजन शिक्षकों की गरिमा, मूल्यों की शिक्षा और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित एक प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।





























