सोनीपत रिट्रीट सेंटर में 6 से 8 अगस्त तक 3 दिवसीय शाश्वत यौगिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से अनेक विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर में रोटरी क्लब के सदस्यों की उपस्थिति में 50 से अधिक वृक्षारोपण कर किया गया। स्वागत सत्र में बी.के. लक्ष्मी बहन (डायरेक्टर, सोनीपत रिट्रीट सेंटर), बी.के. तृप्ति बहन (नेशनल कोऑर्डिनेटर, कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग, सूरत), बी.के. बद्री विशाल भाई (असिस्टेंट डायरेक्टर, कृषि विभाग, लखनऊ), बी.के. सुमन्त भाई (मुख्यालय संयोजक, कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग, माउंट आबू), बी.के. बालासो भाई (एक्ज़ीक्यूटिव मेम्बर, कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग, कोल्हापुर), बी.के. विजय बहन (जोनल कोऑर्डिनेटर, जींद), बी.के. शीला बहन (सबज़ोन इंचार्ज, हिमाचल), बी.के. विजय भाई (कोऑर्डिनेटर, जींद), राकेश संधू (SDM, सोनीपत), रमेश कौशिक (MP, सोनीपत), वीरेंदर भारद्वाज (प्रेसिडेंट, रोटरी मिडटाउन), तथा डॉ. पवन शर्मा (DDA, सोनीपत) उपस्थित रहे जिनका पुष्पों, तिलक एवं श्रृंगार द्वारा स्वागत किया गया।
चैतन्य पाँच तत्वों के स्वागत तथा पंजाब ज़ोन के पाँच राज्यों की बहनों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक नृत्य के पश्चात दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
डायरेक्टर बी.के. लक्ष्मी दीदी ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि प्रकृति को सहयोग देना प्रत्येक मानव का कर्त्तव्य है, और हमें संतोष एवं धैर्य के साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।
बी.के. तृप्ति बहन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत कृषि और ऋषि प्रधान देश है, और अब समय है कि हम रासायनिक खेती के स्थान पर योगिक खेती को अपनाएं।
बी.के. बद्री विशाल भाई ने अन्न एवं मन की शुद्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब प्रकृति और पुरुष दोनों सतोप्रधान बनेंगे, तभी स्वर्णिम दुनिया की स्थापना संभव होगी।
बी.के. विजय दीदी ने कहा कि प्रकृति हमारी माता-पिता के समान है और उसकी पालना करने वाला किसान, अपने आंतरिक जागरण से समाज को शक्तिशाली बना सकता है।
मुख्यालय संयोजक बी.के. सुमन्त भाई ने कहा कि अन्न का सात्विक परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का आधार है।
बी.के. बलासो भाई ने बताया कि राजयोग के अभ्यास से किसान ऐसे डॉक्टर बन जाते हैं जो अपनी खेती से अनेक रोगों को समाप्त कर सकते हैं।
बी.के. शीला बहन ने कहा कि पेड़-पौधे भी प्रेम और खुशियों की आकांक्षा रखते हैं, अतः उनकी बच्चों की तरह सेवा करनी चाहिए।
कार्यक्रम में पधारे SDM राकेश संधू ने कहा कि हर कार्य में यदि हमारी भावना और आध्यात्मिकता जुड़ी हो, तो उसका फल अवश्य उत्तम होता है।
रोटरी क्लब प्रेसिडेंट वीरेंदर भारद्वाज ने वृक्षारोपण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकृति से जितना लेते हैं, उतना लौटाना हमारा नैतिक कर्त्तव्य है।
बी.के. विजय भाई ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब कृषि के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और इस प्रकार के प्रशिक्षण से किसानों तक योगिक खेती का संदेश पहुँचाना विंग का संकल्प है।
दूसरे दिन बी.के. बद्री विशाल भाई ने प्राचीन भारत की सम्पन्नता और प्रकृति के पाँच तत्वों के महत्व पर प्रकाश डाला।
बी.के. बलासो भाई ने शाश्वत योगिक खेती का मॉडल प्रस्तुत किया और बहनों को इसे अपने-अपने स्थान पर लागू करने के लिए प्रेरित किया।
ऑनलाइन माध्यम से बी.के. सरला बहन एवं बी.के. राजू भाई ने सभी टीचर बहनों को अपने आशीर्वचनों से प्रेरणा दी।
बी.के. तृप्ति बहन ने योग कमेंट्री के माध्यम से योग को खेती में उपयोग करने की विधि का अनुभव करवाया।
रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में सभी टीचर बहनों को राखी का सूत्र बाँधा गया और स्मृति उपहार प्रदान किए गए।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण के अंत में सभी बी.के. टीचर बहनों ने नई प्रेरणा और उमंग के साथ भविष्य की सेवाओं हेतु संकल्पित होकर प्रस्थान किया।
यह कार्यक्रम प्रकृति, आध्यात्मिकता और कृषि के संगम का एक सुंदर प्रयास रहा, जिसने सभी उपस्थित बहनों के हृदय में सत्कल्पों के बीज बोए।






























