18 जनवरी को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के विभिन्न सेवाकेंद्रों पर पिताश्री ब्रह्मा बाबा का अव्यक्त स्मृति दिवस एवं विश्व शांति दिवस अत्यंत श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के अनेक शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने भाग लेकर बाबा को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और आत्मिक शांति की अनुभूति की।
फरीदाबाद सेक्टर में आयोजित स्मृति दिवस कार्यक्रम में लगभग 300 भाई-बहन उपस्थित रहे। दिनभर निरंतर योग-तपस्या के माध्यम से सभी ने अपने पुरुषार्थ को तीव्र करने की प्रेरणा ली। पांडव भवन में मधुबन का लघु रूप प्रस्तुत किया गया, जहाँ चार धाम का विशेष निर्माण आकर्षण का केंद्र रहा।


लखनऊ (खुर्शीदबाग सेवाकेंद्र) पर आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक भाई-बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ राजयोगिनी बीके माधुरी दीदी द्वारा परमात्म महावाक्य से हुआ। उन्होंने ब्रह्मा बाबा के अनुशासित, परिश्रमी एवं जाग्रत योगी जीवन पर प्रकाश डालते हुए आलस्य त्याग कर श्रेष्ठ कर्म करने की प्रेरणा दी। इसके पश्चात बीके प्राची दीदी ने ब्रह्मा बाबा के जीवन, उनके आठ कदम तथा स्मृति दिवस के महत्व को विस्तार से समझाया। बाबा की स्मृति में सामूहिक योग, श्रद्धांजलि एवं टोली वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।


इंदौर (ज्ञानदीप भवन, गंगोत्री विहार) में अव्यक्त दिवस मौन, साधना और शांति के दिव्य संगम के रूप में मनाया गया। गहन योग-मौन साधना, मुरली श्रवण, ब्रह्मा बाबा के जीवन पर आधारित विशेष फिल्म का प्रदर्शन तथा शांति स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर सभी ने आत्मिक शक्ति और शांति की अनुभूति की। केंद्र को सुंदर फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण अत्यंत मनोहारी एवं दिव्य बन गया।


ब्रह्मापुर (प्रभु उपहार रिट्रीट सेंटर) में सभी बीके भाई-बहनों के लिए विशेष भट्टी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 साधक सम्मिलित हुए। बीके माला बहन ने ब्रह्मा बाबा के तीव्र पुरुषार्थ पर प्रकाश डालते हुए सभी को श्रेष्ठ प्रयासों की प्रेरणा दी। इस अवसर पर सभी ने रिट्रीट सेंटर में निर्मित चार धाम के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।


नर्नौल सेवाकेंद्र पर पिताश्री ब्रह्मा बाबा का स्मृति दिवस सादगी एवं गहन योगभाव के साथ मनाया गया। भाई-बहनों ने बाबा के त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन को स्मरण करते हुए योग-साधना द्वारा अपने पुरुषार्थ को और तीव्र करने का संकल्प लिया। मौन और परमात्म स्मरण के माध्यम से वातावरण अत्यंत शांति मय बना रहा।

राजकोट गायकवाड़ी सेवाकेंद्र पर भी पिताश्री जी का स्मृति दिवस श्रद्धा और भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। सामूहिक योग, बाबा की स्मृतियों का चिंतन एवं श्रद्धांजलि अर्पण के माध्यम से सभी ने आत्मिक शक्ति और प्रेरणा का अनुभव किया तथा सेवा और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।


बालोद सेवाकेंद्र पर विश्व शांति दिवस के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आत्मिक शांति, पवित्रता और वैश्विक सद्भाव का संदेश दिया गया। सामूहिक योग के द्वारा संपूर्ण विश्व में शांति और भाईचारे की शुभ भावनाएँ प्रेषित की गईं।


























