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22- तुलना या संतुष्टि… मैं क्या चुन रहा हूँ?
BK Shivani · 31:23
Essence
कभी हमने गौर किया है…
हम अपनी यात्रा पर चल रहे होते हैं…
अपने सपने, लक्ष्य और मंज़िल के साथ।
फिर अचानक हमारा ध्यान रास्ते से हटकर किसी और की गति पर चला जाता है…
वह मुझसे आगे कैसे निकल गया?
और बस यहीं से एक साधारण journey एक race बन जाती है।
फिर खुशी achievement से नहीं, दूसरों से आगे निकलने से तय होने लगती है।
लेकिन क्या किसी और को पीछे छोड़कर हम सच में आगे बढ़ते हैं?
क्योंकि जब हमारा focus अपनी क्षमता, अपने लक्ष्य और values से हट जाता है, तो stress, insecurity और fear भी साथ चलने लगते हैं।
Being Bliss हमें एक जीवन बदल देने वाले विचार के सामने खड़ा करता है—
शायद जीवन में आगे बढ़ना गलत नहीं है…
लेकिन हर किसी से आगे बढ़ने की दौड़ क्या हमें अपनी ही यात्रा से दूर कर रही है?
तो रुककर सोचिए…
क्या मैं अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रहा हूँ…
या सिर्फ किसी से आगे निकलने की कोशिश कर रहा हूँ?
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