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Being Bliss 31
BK Shivani · 31:06
Essence
क्या आपने कभी किसी निर्णय के लिए, किसी दूसरे को दोष दिया है?
कभी किसी की सलाह, कभी रिश्तों का दबाव, तो कभी परिस्थितियों की मजबूरी... हम अक्सर कह देते हैं— “मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।”
लेकिन क्या सचमुच ऐसा होता है?
कोई हमें सलाह दे सकता है, हम पर दबाव भी बना सकता है, लेकिन अंतिम चुनाव हमारा होता है। कर्म हमारा होता है, और उसका परिणाम भी हमारा होता है।
जब हम अपने निर्णयों का दोष, दूसरों पर डालते रहते हैं, तब अनजाने में अपनी शक्ति और आत्मविश्वास खोने लगते हैं।
लेकिन जिस क्षण हम स्वीकार करते हैं, कि यह मेरा निर्णय था, उसी क्षण हमारी आंतरिक शक्ति फिर से जागृत होने लगती है।
Being Bliss हमें एक नई दृष्टि देता है— दूसरों को दोष देने के बजाय, अपने चुनाव की ज़िम्मेदारी स्वीकार करें। क्योंकि सच्ची खुशी तभी संभव है, जब हम अपने कर्म पूरी जागरूकता और प्रसन्नता से करें।
क्या हम अपनी मजबूरियों के पीछे छिपना छोड़कर अपने जीवन के हर निर्णय की ज़िम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं?



