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Hawao Ka Samaje Ishara
Vishal Kothari · 6:05
Lyrics
अपनी धरती को बचाए
आओ ऐसा कदम उठाए
सोने के भारतको आओ
फिरसे मिलके सजाए
फिरसे मिलके सजाए
अपनी धरती को बचाए
आओ ऐसा कदम उठाए
सोने के भारतको आओ
फिरसे मिलके सजाए
फिरसे मिलके सजाए
गाव गाव हो हरियाली हो
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
अपनी धरती को बचाए
सुखदाई राहे शीतल हवाएं खुशनुमा था मौसम
निर्मल धार फूलों की महकसे बीत रहा था जीवन
आज ही संकल्प ले ये लाएंगे फिर वो बहार
लगाएंगे पौधे इतने सबको बाटेंगे प्यारा प्यार
नजर अंदाज करे कितना हकीकतको कौन छुपाए
अपनी धरती को बचाए
मुस्कुराता हुआ आसमा क्यों रो रहा है
सबके गम हरने वाले खुद क्यों गम में डूबा है
कोई क्या खाएं क्या हम सोचना ये है जरूरी
इसके बिना हर जिंदगी बिल्कुल ही है अधूरी
वक्त कहता है जाग उठो
सारे जग को आओ जगाए
अपनी धरती को बचाए
तपती धरती धुंदला अम्बर हमसे पूछ रहे है
उजड़े उपवन सूखे तलाव प्यासे ताक रहे है
मैदान है पेड़ पौधे प्रकृति की देन
निरोगी काया मिलती इन्हीं से सच्ची होती रेन
यही सच्ची दौलत है संपन्नता इससे पाए
अपनी धरती को बचाए
आओ ऐसा कदम उठाए
सोने के भारतको आओ
फिरसे मिलके सजाए
फिरसे मिलके सजाए
अपनी धरती को बचाए
आओ ऐसा कदम उठाए
सोने के भारतको आओ
फिरसे मिलके सजाए
फिरसे मिलके सजाए
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
गाव गाव हरियाली होगी सबमें खुशहाली
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