
Prabhu Kitni Sundar Rachana Teri
Brijesh Mishra
Lyrics
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी कहते जिसे प्रकृति
कितनी सुन्दर रचना तेरी कहते जिसे प्रकृति
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी कहते जिसे प्रकृति
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी
बना इन्हीसे जीवन सबका कायम इन्हीसे रहता
बना इन्हीसे जीवन सबका कायम इन्हीसे रहता
साँसे चलती है पवन से नीर रगों में बहता
बना इन्हीसे जीवन सबका कायम इन्हीसे रहता
साँसे चलती है पवन से नीर रगों में बहता
खूब सूरती इन सबकी आँखों में सदा उतरती
खूब सूरती इन सबकी आँखों में सदा उतरती
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी
माँ बन कर के गोद में अपनी पाले धरती माता
माँ बन कर के गोद में अपनी पाले धरती माता
बन कर पिता अम्बर भी बाहों में सबको समाता
माँ बन कर के गोद में अपनी पाले धरती माता
बन कर पिता अम्बर भी बाहों में सबको समाता
सूरज की किरणों से है ऊर्जा सभी में भर दी
सूरज की किरणों से है ऊर्जा सभी में भर दी
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी कहते जिसे प्रकृति
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी कहते जिसे प्रकृति
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी
सागर की गहराई में रत्नों की अनोखी खान
टिके है जिसपर चाँद सितारे वो है आसमान
सागर की गहराई में रत्नों की अनोखी खान
टिके है जिसपर चाँद सितारे वो है आसमान
पल पल इन्हीके सदके है जिंदगी निखरती
पल पल इन्हीके सदके है जिंदगी निखरती
मनभावन है नीर गगन अगन पवन और धरती
प्रभु कितनी सुन्दर रचना तेरी



