
Hawao Ka Samaje Ishara
Vishal Kothari

Hawao Ka Samaje Ishara
Vishal Kothari
Lyrics
आ आ आ आ आ
हवाओं का समझे इशारा
पांच तत्व ने हमे पुकारा
प्रदूषण का खेल ना खेलो
अब तो अपनी आंखे खोलो
जलते विश्व को बचालो
हवाओं का समझे इशारा
पांच तत्व ने हमे पुकारा
प्रदूषण का खेल ना खेलो
अब तो अपनी आंखे खोलो
जलते विश्व को बचालो
हवाओं का समझे इशारा
आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
कही पे तूफा कहीं पे आंधी
हर डगर हो गई मुश्किल
जल में थल में नभ में हो
सफर हुआ बड़ा ही बोझिल
ये कैसी घड़ियां अाई चारो ओर त्राहि त्राहि
अपने किए का फल पाए
फिर क्यों सासे ये घबराए
फिर क्यों सासे ये घबराए
हवाओं का समझे इशारा
हिमखंड सब पिघल रहे है
विलुप्त प्राणी पुकारते
कसकती हुई प्रकृति के संग
आसमा भी करहाटे
धरती मा रो रही है
जैसे ज्योती बूझ रही है
हरियाली करो हर बगिया
होगी हसीन ये दुनिया
होगी हसीन ये दुनिया
हवाओं का समझे इशारा
आ आ आ आ आ आ आ
हताश बादल बिलखता वक्त
दे रहे है ये आवाज
आनेवाली पीढ़ी के खातिर
बचा लो तुम विश्वको आज
अब विवाद है जरासा
नींद से जाग जाओ
जंगल ना काटो पेड़ उगाओ
सारे जगको को तुम जगाओ
सारे जगको को तुम जगाओ
हवाओं का समझे इशारा
पांच तत्व ने हमे पुकारा
प्रदूषण का खेल ना खेलो
अब तो अपनी आंखे खोलो
जलते विश्व को बचालो
अब तो अपनी आंखे खोलो
जलते विश्व को बचालो
हवाओं का समझे इशारा
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