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क्या ध्यान में मन बार-बार भटक जाता है और परमात्मा का अनुभव स्पष्ट नहीं हो पाता? क्या भीतर की शांति और एकाग्रता के बीच कोई गहरा संबंध है? आइए इस समझ पर आज मनन करें।