आकर्षण/प्रभावती - Attraction/Influenced
26 unique murli dates in this topic
26 murlis in हिंदी
17/04/1969“पुरुषार्थ के स्नेही ही सबके स्नेही बनते हैं”18/09/1969“त्रिनेत्री, त्रिकालदर्शी और त्रिलोकीनाथ बनने की युक्तियां”17/11/1969“फर्श से अर्श पर जाने की युक्तियाँ”31/12/1970“अमृतवेले से परिवर्तन शक्ति का प्रयोग”30/04/1977“हाईएस्ट अथॉरिटी की स्थिति का आधार - कम्बाइन्ड रूप की स्मृति”31/05/1977“विश्व कल्याण करने का सहज साधन है श्रेष्ठ संकल्पों की एकाग्रता”05/06/1977“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”10/06/1977“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”12/06/1977“कमल पुष्प समान स्थिति ही ब्राह्मण जीवन का श्रेष्ठ आसन है”25/06/1977“पवित्रता की सम्पूर्ण स्टेज”16/01/1979“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”03/04/1982“सर्वप्रथम त्याग है - देह-भान का त्याग”19/05/1983“साक्षी दृष्टा कैसे बनें?”27/12/1983“भिखारी नहीं सदा के अधिकारी बनो”15/03/1985“मेहनत से छूटने का सहज साधन - निराकारी स्वरूप की स्थिति”27/03/1986“सदा के स्नेही बनो”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”25/10/1987“चार बातों से न्यारे बनो”31/03/1990“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”13/10/1992“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”25/11/1993“सहज सिद्धि प्राप्त करने के लिए ज्ञान स्वरूप प्रयोगी आत्मा बनो”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”16/12/1993“सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का साकार में अनुभव करो”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”31/01/1998“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”21/11/1998“सेवा के साथ देह में रहते विदेही अवस्था का अनुभव बढ़ाओ”
