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सर्टिफिकेट - Certificate - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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सर्टिफिकेट - Certificate
31 unique murli dates in this topic
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31 murlis in हिंदी
25/10/1969
“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”
02/04/1970
“सम्पूर्ण स्टेज की निशानियां”
05/12/1970
“प्रतिज्ञा करने वालों को माया की चैलेंज”
22/01/1971
“दिलतख्त नशीन आत्मा की निशानी”
11/02/1971
“अंत:वाहक शरीर द्वारा सेवा”
18/03/1971
“विजयी बनने के लिए संग्रह और संग्राम की शक्ति आवश्यक”
29/04/1971
“बेहद के पेपर में पास होने का साधन”
02/04/1972
“महिमा योग्य कैसे बनें?”
19/07/1972
“संगठन का महत्व तथा संगठन द्वारा सर्टीफिकेट”
31/10/1975
“महारथी बच्चों की मुख्य विशेषतायें”
05/02/1977
“महानता के आधार”
10/12/1979
“पुण्य आत्माओं के लक्षण”
23/01/1980
“पवित्रता का महत्व”
27/03/1981
“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”
05/04/1981
“समर्थ कर्मों का आधार - ‘धर्म’”
28/11/1981
“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”
09/05/1983
“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - स्मृति, वृत्ति, और दृष्टि की स्वच्छता (पवित्रता)”
12/03/1984
“सन्तुष्टता”
07/03/1986
“पढ़ाई की चारों सब्जेक्ट का यथार्थ यादगार - ‘महा-शिवरात्रि’”
25/03/1990
“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”
08/04/1992
“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”
24/09/1992
“सत्य और असत्य का विशेष अन्तर”
18/01/1993
“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”
10/01/1994
“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”
18/01/1997
“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
04/09/2005
“शिक्षा के साथ क्षमा और रहम को अपना लो, दुआयें दो, दुआयें लो तो आपका घर आश्रम बन जायेगा”
15/11/2005
“सच्चे दिल से बाप व परिवार के स्नेही बन मेहनत मुक्त बनने का वायदा करो और फायदा लो''
31/12/2005
“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''
25/02/2006
“आज उत्सव के दिन मन के उमंग-उत्साह द्वारा माया से मुक्त रहने का व्रत लो, मर्सीफुल बन मास्टर मुक्तिदाता बनो, साथ चलना है तो समान बनो''
31/10/2006
“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''