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बालक सो मालिक - Child to Master - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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बालक सो मालिक - Child to Master
बालक सो मालिक - Child to Master
27 unique murli dates in this topic
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26 murlis in हिंदी
17/04/1969
“पुरुषार्थ के स्नेही ही सबके स्नेही बनते हैं”
23/07/1969
“सफलता का आधार - परखने की शक्ति”
21/01/1971
“अब नहीं तो कब नहीं”
10/06/1971
“सेवा की धरनी तैयार करने का साधन - सर्चलाइट”
19/07/1972
“संगठन का महत्व तथा संगठन द्वारा सर्टीफिकेट”
12/11/1972
“अलौकिक कर्म करने की कला”
08/07/1973
“समय की पुकार”
05/05/1977
“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”
11/05/1977
“सम्पन्न स्वरूप की निशानी - शुभ चिन्तन और शुभ चिन्तक”
28/11/1979
“प्रवृत्ति में रहते भी निवृत्ति में कैसे रहें?”
09/03/1981
“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”
27/03/1981
“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”
11/04/1981
“सत्यता की शक्ति से विश्व परिवर्तन”
31/03/1986
“सर्व शक्ति-सम्पन्न बनने तथा वरदान पाने का वर्ष”
23/12/1987
“मनन शक्ति और मगन स्थिति”
07/03/1988
“भाग्यवान बच्चों के श्रेष्ठ भाग्य की लिस्ट”
17/12/1989
“सदा समर्थ कैसे बनें?”
13/03/1990
“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”
25/02/1991
“सोच और कर्म में समानता लाना ही परमात्म प्यार निभाना है”
10/04/1991
“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”
30/11/1992
“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”
31/12/1992
“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”
09/01/1996
“बालक सो मालिकपन के नशे में रहने के लिए मन का राजा बनो”
10/03/1996
“‘करनहार’ और ‘करावनहार’ की स्मृति से कर्मातीत स्थिति का अनुभव”
03/02/2006
“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''
30/11/2007
“सत्यता और पवित्रता की शक्ति को स्वरूप में लाते बालक और मालिकपन का बैलेन्स रखो”