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निरंतर योग - Continuous Yoga - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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निरंतर योग - Continuous Yoga
निरंतर योग - Continuous Yoga
38 unique murli dates in this topic
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37 murlis in हिंदी
11/06/1970
“विश्वपति बनने की सामग्री”
01/02/1971
“ताज, तिलक और तख्तनशीन बनने की विधि”
03/06/1971
“निरन्तर योगयुक्त बनने के लिए कमल पुष्प का आसन”
22/06/1971
“तीव्र पुरुषार्थी की निशानियाँ”
04/07/1971
“याद की सहज विधि”
21/01/1972
“निरन्तर योगी बनने की सहज विधि”
06/02/1974
“परखने की शक्ति से महारथी की परख”
15/04/1974
“विघ्न-विनाशक बनकर अंगद समान माया पर विजय प्राप्त करो”
24/12/1974
“एक बार सहयोग देना अर्थात् अन्त तक सहयोग लेना”
09/09/1975
“ग्लानि को गायन समझकर रहमदिल बनो”
25/01/1976
“डबल लाइट स्वरूप बनो”
23/01/1977
“महीनता ही महानता है”
02/06/1977
“सर्व आत्माओं के आधार मूर्त, उद्धार मूर्त और पूर्वज - ‘ब्राह्मण सो देवता हैं’”
10/06/1977
“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”
14/06/1977
“देश और विदेश का सैर-समाचार”
16/06/1977
“एक ही पढ़ाई द्वारा नम्बरवार पूज्य पद पाने का गुह्य रहस्य”
18/06/1977
“योग की पॉवरफुल स्टेज कैसे बने?”
01/04/1978
“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”
25/01/1979
“सम्मान देना ही सम्मान लेना है”
19/11/1979
“बेहद के वानप्रस्थी अर्थात् निरन्तर एकान्त में सदा स्मृति स्वरूप”
05/12/1979
“विजय का झण्डा लहराने के लिए रियलाइजेशन कोर्स शुरू करो”
12/12/1979
“रूहानी अलंकार और उनसे सजी हुई मूर्तियाँ”
04/02/1980
“भाग्य विधाता बाप और भाग्यशाली बच्चे”
09/03/1981
“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”
24/10/1981
“सच्चे आशिक की निशानी”
21/02/1983
“शान्ति की शक्ति”
14/04/1983
“सम्पन्न आत्मा सदा स्वयं और सेवा से सन्तुष्ट”
27/12/1983
“भिखारी नहीं सदा के अधिकारी बनो”
16/01/1985
“भाग्यवान युग में भगवान द्वारा वर्से और वरदानों की प्राप्ति”
21/01/1987
“स्व-राज्य अधिकारी ही विश्व-राज्य अधिकारी”
06/11/1987
“निरन्तर सेवाधारी बनने का साधन चार प्रकार की सेवायें”
27/12/1987
“निश्चय बुद्धि विजयी रत्नों की निशानियाँ”
06/01/1988
“दिल के ज्ञानी तथा स्नेही बनो और लीकेज को बन्द करो”
14/01/1990
“पुरुषार्थ की तीव्रगति में कमी के दो मुख्य कारण”
13/03/1990
“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”
09/01/1993
“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”
02/02/2007
“परमात्म प्राप्तियों से सम्पन्न आत्मा की निशानी - होलीएस्ट, हाइएस्ट और रिचेस्ट”
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