दिनचर्या - Daily routine
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18/06/1970“वृद्धि के लिए टाइम-टेबुल की विधि”23/10/1970“महारथी बनने का पुरुषार्थ”05/11/1970“डिले इज़ डेन्जर”31/12/1970“अमृतवेले से परिवर्तन शक्ति का प्रयोग”26/01/1971“ज़िम्मेवारी उठाने से फायदे”18/07/1971“विल पावर और कन्ट्रोलिंग पावर”05/06/1977“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”10/06/1977“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”12/01/1979“वरदाता बाप द्वारा मिले हुए खुशी के खजानों का भण्डार”13/04/1981“रूहे-गुलाब की विशेषता”09/10/1981“अन्तर्मुखी ही सदा बन्धनमुक्त और योगयुक्त”26/11/1981“सहयोगी ही सहजयोगी”20/01/1982“प्रीत की रीत निभाने का सहज तरीका - गाना और नाचना”06/04/1982“दास व अधिकारी आत्माओं के लक्षण”11/04/1982“व्यर्थ का त्याग कर समर्थ बनो”13/02/1984“अशान्ति का कारण अप्राप्ति और अप्राप्ति का कारण अपवित्रता है”14/10/1987“ब्राह्मण जीवन - बाप से सर्व सम्बन्ध अनुभव करने की जीवन”17/10/1987“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - ‘पवित्रता’”27/11/1987“बेहद के वैरागी ही सच्चे राजऋषि”20/02/1988“तन, मन की थकावट मिटाने का साधन - ‘शक्तिशाली याद’”07/03/1988“भाग्यवान बच्चों के श्रेष्ठ भाग्य की लिस्ट”09/12/1989“योगयुक्त, युक्तियुक्त बनने की युक्ति”17/12/1989“सदा समर्थ कैसे बनें?”10/01/1990“होलीहँस की विशेषतायें”18/01/1990“स्वयं और सेवा में तीव्रगति के परिवर्तन का गुह्य राज़”22/02/1990“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”31/12/1992“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”18/01/1993“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”18/02/1993“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”16/11/1995“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”10/03/1996“‘करनहार’ और ‘करावनहार’ की स्मृति से कर्मातीत स्थिति का अनुभव”31/01/1998“पास विद ऑनर बनने के लिए हर खजाने का एकाउण्ट चेक करके जमा करो”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”04/11/2001“सत्यवादी बनो और समय प्रमाण रहमदिल बन बेहद की वृत्ति, दृष्टि और कृति बनाने के दृढ़ संकल्प का दीप जलाओ''03/02/2002“लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ, सर्व खजानों में सम्पन्न बनो''25/03/2005“मास्टर ज्ञान सूर्य बन अनुभूति की किरणें फैलाओ, विधाता बनो, तपस्वी बनो''28/03/2006“विश्व की आत्माओं को दु:खों से छुड़ाने के लिए मन्सा सेवा को बढ़ाओ, सम्पन्न और सम्पूर्ण बनो”31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''02/02/2007“परमात्म प्राप्तियों से सम्पन्न आत्मा की निशानी - होलीएस्ट, हाइएस्ट और रिचेस्ट”
