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स्वयं परिवर्तन - Self Transformation - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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स्वयं परिवर्तन - Self Transformation
स्वयं परिवर्तन - Self Transformation
33 unique murli dates in this topic
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33 murlis in हिंदी
19/07/1969
“ज़ीरो और हीरो बनो”
15/09/1969
“याद के आधार पर यादगार”
16/10/1969
“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”
25/10/1969
“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”
28/11/1969
“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”
20/12/1969
“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”
25/12/1969
“अनासक्त बनने के लिए तन और मन को अमानत समझो”
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
04/03/1972
“अधिकारी बनने के लिए अधीनता छोड़ो”
24/06/1972
“एवररेडी बन अन्तिम समय का आह्वान करो”
06/08/1972
“वृत्ति चंचल होने का कारण - व्रत में हल्कापन”
24/12/1972
“संगमयुगी श्रेष्ठ आत्माओं की जिम्मेवारी”
05/06/1977
“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”
30/06/1977
“बापदादा की हर ब्राह्मण आत्मा प्रति श्रेष्ठ कामनाएं”
04/01/1979
“सम्पूर्णता के आईने में निज स्वरूप को देखो”
24/12/1979
“जहान को रोशन करने वालों की महफिल”
21/01/1980
“बाप को प्रत्यक्ष करने की विधि”
01/02/1980
“सूक्ष्मवतन की कारोबार”
26/11/1981
“सहयोगी ही सहजयोगी”
09/03/1984
“परिवर्तन को अविनाशी बनाओ”
22/04/1984
“विचित्र बाप द्वारा विचित्र पढ़ाई तथा विचित्र प्राप्ति”
02/11/1987
“स्व-परिवर्तन का आधार - ‘सच्चे दिल की महसूसता’”
06/12/1987
“सिद्धि का आधार - ‘श्रेष्ठ वृत्ति’”
03/03/1988
“होली कैसे मनायें तथा सदाकाल का परिवर्तन कैसे हो?”
25/03/1990
“सर्व अनुभूतियों की प्राप्ति का आधार - पवित्रता”
31/03/1990
“रहमदिल और बेहद की वैराग वृत्ति”
26/10/1991
“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”
15/04/1992
“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”
14/12/1997
“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”
13/03/1998
“होली शब्द के अर्थ स्वरूप में स्थित होना अर्थात् बाप समान बनना”
31/12/1998
“इस नये वर्ष में हिम्मत के आधार पर स्वयं को मेहनत मुक्त सदा विजयी अनुभव करो”
25/11/2000
“बाप समान बनने के लिए दो बातों की दृढ़ता रखो - स्वमान में रहना है और सबको सम्मान देना है”
15/10/2004
“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''