18 दिसंबर 2025 को अहिल्या नगर स्थित साइबन में मधुबन के कृषि पर्यटन परिसर में शिव परमात्मा ज्ञान-भक्ति संगम परियोजना का भव्य उद्घाटन महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति श्री राम शिंदे के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उपक्रम केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम है, जो समाज को आत्मिक शांति और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।
उद्घाटन अवसर पर “ॐ नमः शिवाय” के मंगल स्वर के बीच बेलपत्रों से निर्मित आकर्षक ज्योतिर्लिंग का अनावरण किया गया। साथ ही टावर ऑफ पीस के अंतर्गत परमात्मा शिव के यथार्थ परिचय एवं राजयोग मेडिटेशन की जानकारी देने वाली पोस्टर प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में जगदंबा भवन, पुणे के वरिष्ठ राजयोगी बी.के. दशरथ भाई, मीरा सोसाइटी केंद्र की प्रभारी बी.के. उषा, अहिल्या नगर सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. राजेश्वरी, साइबन मधुबन की संचालिका बी.के. डॉ. सुधा कांकरिया तथा डॉ. प्रकाश कांकरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बी.के. दशरथ भाई ने कहा कि बदलते समय और बढ़ती समस्याओं के समाधान के लिए धैर्य और आत्मिक उन्नति अत्यंत आवश्यक है, जो केवल आध्यात्म के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भक्ति और ज्ञान का संगम समय की आवश्यकता है, और इस सुंदर सभागृह में आने वाली प्रत्येक आत्मा को शिव परमात्मा का सटीक और यथार्थ परिचय प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में बी.के. डॉ. सुधा कांकरिया द्वारा लिखित पुस्तक “हृदय आरोग्य – चाक गप्पा गोष्ठी” के तृतीय संस्करण का भी विमोचन किया गया, जिसमें हृदय स्वास्थ्य के लिए मेडिटेशन की महत्ता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि साइबन कृषि पर्यटन क्षेत्र को 27 वर्षों की सफल यात्रा पूर्ण हो चुकी है। यह परियोजना वेस्ट लैंड डेवलपमेंट पर आधारित है, जिसमें एमआईडीसी के वेस्ट वॉटर को फिल्टर कर हरित विकास किया गया है। यहां लगाए गए सभी वृक्ष इसी प्रक्रिया का परिणाम हैं, जिसके लिए इस परियोजना को महाराष्ट्र सरकार का वनश्री पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है।






















