ब्रह्माकुमारीज् मीडिया विंग द्वारा अहिल्यानगर (अहमदनगर) स्थित सेवा केंद्र पर जिलास्तरीय मीडिया सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता की भूमिका, मीडिया के बदलते स्वरूप और मूल्यों की पुनर्स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य वक्ता एवं मीडिया विंग के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक डॉ. सोमनाथ वडनेरे ने इस बात पर बल दिया कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि यह समाज में मूल्यों और नैतिकता को पुनः स्थापित करने का एक सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि कलम से लेकर कलम-रहित मीडिया के इस दौर में शाश्वत मूल्यों की रक्षा करना सभी मीडियाकर्मियों का कर्तव्य है।
इस सम्मेलन की प्रस्तावना माउंट आबू स्थित मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमार डॉ. शांतनुभाईजी ने की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर मूल्यों के ह्रास पर चिंता व्यक्त की और पत्रकारिता के माध्यम से इनके संरक्षण का आह्वान किया।
जिला सूचना अधिकारी श्री सुरेश पाटिल ने उद्घाटन भाषण में स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-उत्तर पत्रकारिता की समीक्षा की। नासिक प्रभाग की मान्यता समिति के अध्यक्ष श्री सुधीर लंके एवं दैनिक लोकमत के स्थानीय संपादक ने बताया कि यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए तो पत्रकारिता और अधिक सशक्त बन सकती है।
अहिल्यानगर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री विट्ठल लांडगे ने समाचारों की विश्वसनीयता पर बल दिया, वहीं श्री विजयसिंह होलम ने मीडिया विंग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे मूल्याधारित पत्रकारिता के प्रचार-प्रसार में सहायक बताया।
सी.एस.आर.डी. पत्रकारिता महाविद्यालय के निदेशक श्री सुरेश पठारे ने आशा जताई कि मानव मस्तिष्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता से आगे रहेगा। वहीं, सुश्री आरुषि ने 'स्वर्णिम संस्कृति लागे' शीर्षक पर प्रेरणादायी नृत्य प्रस्तुत किया।
वरिष्ठ पत्रकार श्री भूषण देशमुख ने माउंट आबू के अनुभव साझा किए, जबकि उद्योगपति व समाजसेवी श्री संतोष पवार ने कहा कि पत्रकारिता से समाज में व्याप्त दूरियाँ घटाई जा सकती हैं। वरिष्ठ पत्रकार श्री रामदास धामले ने नगर जिले की पत्रकारिता की समीक्षा की, और पुणे जिला मीडिया समन्वयक बीके सोमनाथ म्हस्के ने अपने अनुभव बताए।
नगर टाइम्स के संपादक श्री रामभाऊ जोशी, स्वतंत्र पत्रकार श्री गौतम कुलकर्णी, और वरिष्ठ पत्रकार श्री डी. अशोक सोनावणे ने संवेदनशील और निष्पक्ष पत्रकारिता पर विचार रखे।
इस अवसर पर बीके ध्यान प्रशिक्षक डॉ. दीपक हरके द्वारा ब्रह्माकुमारियों का सम्मान किया गया। डॉ. शांतनुभाईजी को ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मान प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु स्मरण से हुआ। कुमारी स्वामीनी शिंदे एवं कुमारी प्रियल उपाध्याय ने शिव स्तुति नृत्य प्रस्तुत किया। बीके सुप्रभा दीदी ने स्वागत भाषण दिया और सभी मीडिया प्रतिनिधियों को राजयोगिनी बीके राजेश्वरी दीदीजी ने आशीर्वाद दिया। राजयोग अभ्यास बीके उज्वला दीदी द्वारा कराया गया। धन्यवाद ज्ञापन बीके निर्मला दीदी ने किया और संचालन बीके सुवर्णा दीदी ने किया।
इस जिलास्तरीय सम्मेलन ने न केवल पत्रकारों को एक साझा मंच दिया, बल्कि मूल्याधारित पत्रकारिता की ओर प्रेरित करने का कार्य भी किया।
























