16 जून 2026 को नन्हे मुन्नों में संस्कारों, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के दीप प्रज्वलित करने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ अमृतसर द्वारा आयोजित दो दिवसीय समर कैंप “तारे ज़मीन पर सीजन 2” उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह विशेष राजयोगिक किड्स समर कैंप स्थित सेवा केंद्र, अमृतसर में आयोजित किया गया, जिसमें 8 से 11 वर्ष आयु वर्ग के 55 बच्चों ने भाग लेकर सीखने, रचनात्मकता और आत्मिक विकास का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया।
इस समर कैंप में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए स्मरण शक्ति, एकाग्रता और टीम भावना को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। “डिस्कवर सुपरहीरो विदिन”, पर्यावरण संरक्षण, फन डांस कोरियोग्राफी, कुकिंग विदाउट फायर, टीम बिल्डिंग, ग्रैटीट्यूड ट्रेजर बैंक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा टैलेंट हंट जैसी रोचक और शिक्षाप्रद गतिविधियों ने बच्चों के उत्साह को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की।
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिकाओं ने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा एक चमकता हुआ सितारा है, जिसके भीतर अनंत दिव्य शक्तियाँ विद्यमान हैं। इन शक्तियों को जागृत और प्रखर बनाने के लिए ऐसे मूल्यपरक एवं आध्यात्मिक शिविर आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं। बच्चों को राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया गया, जिससे उन्होंने शांति, एकाग्रता और आत्मिक सशक्तिकरण का अनुभव किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता बच्चों को ट्रॉफियाँ एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनका उत्साह और भी बढ़ा।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान एवं इको सेवा गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए किया जा रहा यह कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है और इसकी जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है। उन्होंने बच्चों द्वारा सीखी गई ध्यान एवं जीवन उपयोगी गतिविधियों की भी सराहना की।
कैंप में शामिल बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्पीच, मेडिटेशन, डांस, सुपरहीरो एक्टिविटी तथा अन्य कई उपयोगी चीजें सीखी हैं, जो उनके जीवन में आगे बढ़ने में सहायक होंगी। बच्चों ने इस समर कैंप को अपने लिए एक अलग और अत्यंत उपयोगी अनुभव बताया, जो अन्य सामान्य समर कैंप्स से अधिक मूल्यपरक और आध्यात्मिक था।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को पौधा भेंट कर प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जिससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।


















