29 जनवरी 2026 को केंद्रीय जेल परिसर, मंडोली, ITBP बटालियन सेंटर, दिल्ली गंगा विहार में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा महाशिवरात्रि महोत्सव (सामान्य) का आध्यात्मिक एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शांति, आत्मचिंतन और ईश्वर-स्मृति के पावन वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर बीके किरण दीदी एवं बीके मीनू दीदी ने सच्ची शिवरात्रि क्या है और उसका आध्यात्मिक रहस्य बहुत ही सरल और मानवीय भाव से समझाया। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि केवल एक तिथि या पर्व नहीं है, बल्कि यह वह पावन समय है जब परमात्मा शिव इस संसार में अवतरित होकर आत्माओं को अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान का प्रकाश देते हैं।
उन्होंने समझाया कि
“शिव” कोई देहधारी नहीं, बल्कि परम शांति और परम पवित्रता के सागर हैं, और “रात्रि” का अर्थ है अज्ञान की अवस्था। जब शिव ज्ञान देते हैं, तब वही अज्ञान की रात्रि समाप्त होकर ज्ञान का सवेरा होता है — यही सच्ची शिवरात्रि है।
शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य आत्मा की पवित्रता से जुड़ा है। इस दिन हमें उपवास केवल शरीर का नहीं, बल्कि विकारों से उपवास करना चाहिए और मन को परमात्मा की याद में स्थिर करना चाहिए। जब आत्मा शिव से जुड़ती है, तब जीवन में शांति, शक्ति और पवित्रता स्वतः आ जाती है।
कार्यक्रम में लगभग 100 लाभार्थियों ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने दिए गए आध्यात्मिक संदेशों को उपयोगी एवं मार्गदर्शक बताया तथा ध्यान और परमात्मा स्मृति के महत्व को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्राप्त की।
महाशिवरात्रि महोत्सव का यह आयोजन सभी के लिए आत्मिक जागृति, सच्चे ज्ञान और शांति का संदेश लेकर आया तथा उपस्थित सभी लोगों के मन में नई आशा, उमंग और आत्मबल का संचार हुआ।






























