18 अप्रैल 2026 को मुंबई के मलाड वेस्ट में ब्रह्माकुमारीज़ के नवनिर्मित मेडिटेशन सेंटर का उद्घाटन एक दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर फिल्मी जगत के कई प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया। आत्मशांति और मधुर संगीत की लहरियों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी के जयंती दीदी ने अपने उद्बोधन में मन की शक्ति को जीवन की परिस्थितियों को संभालने का मुख्य आधार बताया। वहीं बी के दिव्य प्रभा दीदी ने राजयोग ध्यान की सरल प्रक्रिया और उसके व्यावहारिक लाभों को सहज रूप में समझाया तथा सभी को ध्यान का अनुभव भी कराया।
इस अवसर पर फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि सकारात्मक सोच और शांत मन से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। उमेश शुक्ला ने भी ब्रह्माकुमारीज़ केंद्रों में मिलने वाली सच्ची शांति की सराहना की। मलाड के विधायक असलम शेख और डॉ. श्याम अग्रवाल ने संस्था की निस्वार्थ सेवाओं की प्रशंसा की।
संगीतमय प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। प्रसिद्ध गायक शान और सूफी गायिका कविता सेठ ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। प्रारंभ में विशाल कोठारी और हरीश मोयल ने मधुर गायन से कार्यक्रम की सुंदर शुरुआत की।
कार्यक्रम का संचालन अभिनेता एवं एंकर राजीव भारद्वाज ने किया। बी के श्रेया ने “मेरी खुशी मेरे हाथ में” विषय पर अपने विचार रखते हुए सभी को आत्मनिर्भर आनंद की ओर प्रेरित किया।
इस आयोजन में यह संदेश विशेष रूप से दिया गया कि नियमित रूप से ध्यान करने से मन की अशांति, चिंता और तनाव को दूर किया जा सकता है। वक्ताओं ने बताया कि दिन में केवल कुछ मिनट ध्यान करने से जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता लाई जा सकती है।
यह कार्यक्रम केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक नई आध्यात्मिक शुरुआत का प्रतीक बना। अंत में सभी ने एक स्वर में “ओम शांति” का उच्चारण कर शांति, प्रेम और समरस समाज के निर्माण का संकल्प लिया।



























