27 मार्च 2026 को कोलकाता के प्रसिद्ध विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में ब्रह्माकुमारीज़ और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से “Mastering Stability in Life” विषय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन विश्व थिएटर दिवस और दिवंगत दादी जानकी जी की स्मृति को समर्पित था।
इस कार्यक्रम में 1981 की मुरली के महावाक्य साकार होते हुए दिखाई दिए। ब्रह्माकुमारीज़ का संदेश पूरे विक्टोरिया मेमोरियल में गूंजा और उपस्थित लोगों के हृदयों में शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। यह आयोजन उस दिव्य भविष्यवाणी का प्रतीक बना, जिसमें कहा गया था कि एक दिन लोग स्वयं आमंत्रित करेंगे और कोलकाता का यह प्रतिष्ठित स्थल सेवा और आध्यात्मिक संदेश के लिए प्रस्तुत होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ध्यान से हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने गहन शांति का अनुभव किया। इंडियन म्यूजियम के निदेशक एवं विक्टोरिया मेमोरियल के सचिव सयान भट्टाचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया। राजयोग शिक्षिका बीके सुप्रिया ने जीवन के नाटक में स्थिरता बनाए रखने का मार्ग बताया। बीके जया ने ध्यान के माध्यम से उपस्थित जनों को आंतरिक शांति का अनुभव कराते हुए मार्गदर्शन किया।
विशिष्ट अतिथियों में सनमार्ग समाचार पत्र की ओनर रुचिका गुप्ता, विश्वमित्र हिंदी समाचार पत्र की ओनर मोना अग्रवाल, प्रभात खबर की वरिष्ठ पत्रकार भारती जैनानी, कोलकाता हाई कोर्ट के अधिवक्ता उज्जैन चैटर्जी, प्रसिद्ध नृत्यांगना और समाजसेवी अलकनंदा रॉय, नेटमो के निदेशक विनोद कुमार सिंह और केनिलव्थ होटल्स के ओनर राजू भारत सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में दादी जानकी जी के प्रेरणादायक जीवन पर आधारित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। पूर्व डीजीपी एवं राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र ने अपने अनुभव साझा किए और समाज में सकारात्मक योगदान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। पूर्वी जोन के सबजोन इंचार्ज बीके मुन्नी ने आशीर्वचन प्रदान किए।
कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं को राजयोग के सरल अभ्यास के माध्यम से जीवन में स्थिरता और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का मार्ग बताया गया। उपस्थित लोगों ने बाबा की याद में अपने जीवन में संतुलन और सौंदर्य अनुभव करने की सीख प्राप्त की।
इस भव्य आयोजन के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज़ ने न केवल आध्यात्मिक संदेश साझा किया, बल्कि जीवन में स्थिरता, सुंदरता और उच्च मूल्यों के पालन की प्रेरणा भी दी।































