हुगली नदी के पावन तट पर स्थित कोलकाता, जो इतिहास, संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम है, वहीं आशुतोष मुखर्जी रोड पर स्थित बाबा की गद्दी के नाम से प्रसिद्ध कोलकाता म्यूजियम सेवा केंद्र, परदादी की तपस्या भूमि के रूप में निरंतर आध्यात्मिक सेवाओं का केंद्र बना हुआ है। पिछले एक वर्ष से यहां सेवाओं की एक सुंदर और निरंतर रिमझिम बह रही है, जिसने समाज के विभिन्न वर्गों को आध्यात्मिकता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज़ एवं भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में “मास्टरिंग स्टेबिलिटी इन लाइफ्स ड्रामा” विषय पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्व थिएटर दिवस एवं दादी जानकी जी की पावन स्मृति को समर्पित था। यह आयोजन उस दिव्य भविष्यवाणी का साकार रूप प्रतीत हुआ, जिसमें बापदादा ने वर्ष 1981 की अव्यक्त मुरली में कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब स्वयं लोग निमंत्रण देंगे और सेवा के लिए प्रमुख स्थल प्रस्तुत होंगे। इस कार्यक्रम में 700 से अधिक प्रतिभागियों ने राजयोग ध्यान के माध्यम से आंतरिक स्थिरता, जागरूकता और श्रेष्ठ कर्मों के महत्व को अनुभव किया।

इसी श्रृंखला में इंडियन म्यूजियम में “विश्व शांति हेतु मेडिटेशन” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में 250 से अधिक लोगों ने भाग लेकर गहन शांति का अनुभव किया।

राजयोगिनी कानंद दीदी के प्रेरणादायक मार्गदर्शन में Global Enlightenment Retreat Centre का भव्य उद्घाटन हुआ तथा वार्षिक थीम “Meditation for World Unity and Trust” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राजयोगिनी जयंती दीदी एवं राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई की पावन उपस्थिति और आशीर्वचन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने। कार्यक्रम के दौरान “51 Steps to Soulful Awakening” नामक बांग्ला ध्यान पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सिंधी समाज, रोटेरियंस तथा विभिन्न संस्थानों के लिए Leadership with Ethics, Awareness and Purpose, क्रिएटिव वर्कशॉप्स और रिफ्लेक्टिव ग्रुप एक्टिविटीज जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।


90वीं शिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें अनेक विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कानंद दीदी ने अपने संदेश में सच्चे जागरण और वास्तविक व्रत के महत्व को उजागर किया।24वें इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर में ब्रह्माकुमारीज़ की सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां उनके पवेलियन ने आध्यात्मिकता और नवाचार के माध्यम से हजारों लोगों को प्रभावित किया। द बंगाल रोइंग क्लब में आयोजित एक विचार गोष्ठी में ब्रह्माकुमारीज़ ने जनसंख्या को चेतना के स्तर पर निर्भर एक शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया।


स्पोर्ट्स विंग के अंतर्गत स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में नशा मुक्ति अभियान चलाया गया। पश्चिम बंगाल के सोनामुखी में नए सेवा केंद्र का शुभारंभ क्षेत्रीय आध्यात्मिक जागरूकता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। समाज सेवा प्रभाग के तहत विभिन्न करेक्शनल होम्स, ब्लाइंड स्कूल तथा अन्य संस्थानों में सेवा कार्य संपन्न हुए, साथ ही एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया।


सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा जवानों के लिए तनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित की गई, जबकि मेडिकल विंग के तहत कोलकाता मेडिकल कॉलेज, कमान हॉस्पिटल एवं नेशनल मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिकता से जुड़े कार्यक्रम हुए।

धार्मिक प्रभाग के अंतर्गत अंतरधार्मिक संवाद, संत महासम्मेलन तथा Spiritual Intelligence विषय पर 16वें वर्ल्ड कॉन्फ्लुएंस ऑन ह्यूमैनिटी, पावर एंड स्पिरिचुअलिटी में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्व शांति का सशक्त संदेश दिया गया। रक्षाबंधन पर्व को आध्यात्मिक रूप से मनाते हुए अनेक विशिष्ट व्यक्तियों को आत्मस्मृति का तिलक लगाकर राखी बांधी गई।

गंगा सागर मेले में ब्रह्माकुमारीज़ की आध्यात्मिक प्रदर्शनी ने हजारों श्रद्धालुओं तक परमात्मा का सच्चा संदेश पहुंचाया। शिक्षा के क्षेत्र में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। एल्गिन रोड सेंटर में आयोजित युवा कार्यशाला “Be a Leader from Within” में 60 से अधिक युवाओं ने भाग लेकर आत्म-प्रबंधन और निर्णय क्षमता के महत्वपूर्ण सूत्र सीखे।

इन सभी सेवाओं के मध्य 9 मार्च 2026 को, होली के पावन पर्व के पश्चात, ब्रह्हाकुमारीज़ की अत्यंत प्रिय और आदरणीय राजयोगिनी कानन दीदी अव्यक्त होकर बाबा की गोद में समा गईं। उनका दिव्य जीवन, शिक्षाएं और प्रेरणाएं आज भी सभी के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनी हुई हैं और सदैव बनी रहेंगी।

यह आध्यात्मिक यात्रा निरंतर प्रवाहित है—एक ऐसा दिव्य प्रवाह, जो प्रत्येक आत्मा को उसके वास्तविक स्वरूप की ओर अग्रसर कर रहा है।


























