31 मार्च 2026 को कोलकाता स्थित एशिया के सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित इंडियन म्यूजियम में विश्व शांति के उद्देश्य से “विश्व शांति हेतु मेडिटेशन” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन इंडियन म्यूजियम द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूजियम के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आंतरिक शांति एवं आध्यात्मिक अनुभव का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मुख्यालय से पधारी राजयोग शिक्षिका बीके सुप्रिया बहन जी ने
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि विश्व शांति की आधारशिला प्रत्येक व्यक्ति के मन की शांति में निहित है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए समझाया कि सच्ची शांति हमारे भीतर ही विद्यमान है, जिसे जागृत करने के लिए मन, बुद्धि और संस्कारों में स्थिरता एवं पवित्रता आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि “Self Transformation leads to World Transformation”, अर्थात स्वयं का परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का आधार है।
इंडियन म्यूजियम के निदेशक श्री सायन भट्टाचार्य जी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि
यह संस्थान केवल ऐतिहासिक धरोहर का केंद्र ही नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम भी है।
ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूजियम की उपकेंद्र प्रभारी बीके मुन्नी दीदी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि
शुद्ध, स्थिर और सकारात्मक मन से ही सच्ची शांति का अनुभव संभव है। उन्होंने सभी को जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं वर्तमान राज्य सूचना आयुक्त श्री वीरेन्द्र जी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए मेडिटेशन के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में बीके अंजलि बहन ने सभी को अपने जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाने का संदेश दिया। संपूर्ण कार्यक्रम का समापन सामूहिक मेडिटेशन एवं विश्व शांति के संकल्प के साथ अत्यंत शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में हुआ।





























