ब्रह्माकुमारीज़ के मानसरोवर परिसर स्थित दिव्य शक्ति अनुभूति हॉल में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का भव्य समापन हुआ। सम्मेलन का विषय रहा—“शांति के नए युग की ओर सेतु के रूप में मीडिया।”
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से मीडिया एवं जनसंचार क्षेत्र से जुड़े 1500 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समापन सत्र में मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी, सकारात्मक पत्रकारिता तथा शांति स्थापना में मीडिया की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि
पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में विचारों का निर्माण करने और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा देने वाली प्रभावशाली शक्ति है। उन्होंने संकल्प की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकल्प हमारे कर्म का बीज है। जैसा हमारा संकल्प होता है, उसी के अनुसार हमारी वृत्ति, दृष्टि, वाणी और कर्म प्रभावित होते हैं।
सम्मेलन में विभिन्न मीडिया एवं शिक्षण संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता, नेपाल की वरिष्ठ पत्रकार माला कुमारी, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. मानसिंह परमार, प्रसार भारती न्यूज़ सर्विस, नई दिल्ली के उपनाथ सिंह तथा एएफटी नोएडा फिल्म सिटी के डीन डॉ. विकास सिंह सहित अनेक मीडिया विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि
मीडिया समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसके भविष्य का निर्माण करने वाली शक्ति भी है। मीडिया संस्थानों को शांति, समानता, स्थायित्व, ज्ञान तथा वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज को प्रमुखता देने वाली सार्थक पहलों को बढ़ावा देना चाहिए।
मीडिया विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि
आध्यात्मिक संचार के माध्यम से शांति, सुकून, सुख, सहयोग और समन्वय जैसे मानवीय गुणों को मजबूत किया जा सकता है। पत्रकारों के लिए निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ-साथ आध्यात्मिक संवेदनशीलता को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों को आध्यात्मिकता से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक पत्रकारिता के लिए प्रेरित करने की पहल की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि मीडिया को दर्शकों को अपने परिवार की तरह समझते हुए समाज और नई पीढ़ी के बीच शांति एवं सकारात्मकता का सेतु बनना चाहिए।
समापन अवसर पर मीडिया विंग की उपाध्यक्षा बीके सरला दीदी ने आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके डॉ. सविता दीदी ने प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन का अनुभव कराया। वहीं मीडिया विंग के राष्ट्रीय समन्वयक बीके शांतनु ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मानसरोवर से उठी यह आवाज स्पष्ट है—मीडिया केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों, संस्कारों और शांति के नए युग का सेतु भी बन सकता है।

























