8 जुलाई 2026 को अमेरिका के टेक्सास में ब्रह्माकुमारीज़ की आध्यात्मिक सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण सेवा जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। लगभग 275 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी, ह्यूस्टन स्थित भारत के महावाणिज्य दूत श्री डी. सी. मंजूनाथ तथा अनेक सामाजिक एवं सामुदायिक नेताओं ने सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
समारोह का मुख्य विषय "मानवता का भविष्य – एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण" रहा। अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों में वक्ताओं ने आंतरिक परिवर्तन, आध्यात्मिक मूल्यों तथा राजयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आत्म-जागरूकता और परमात्मा से संबंध ही एक श्रेष्ठ एवं सुखमय विश्व की आधारशिला है।
टेक्सास में ब्रह्माकुमारीज़ की निदेशिका बीके डॉ. हंसा दीदी ने सभी विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित महानुभावों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर अमेरिका में ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं के प्रारंभिक इतिहास का भी स्मरण किया गया। वर्ष 1977 में टेक्सास के सैन एंटोनियो में स्थापित देश के प्रथम ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए प्रारंभिक सेवाओं में योगदान देने वाले समर्पित बीके भाई-बहनों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
ह्यूस्टन स्थित भारत के महावाणिज्य दूत श्री डी. सी. मंजूनाथ ने ब्रह्माकुमारीज़ परिवार को पाँच दशकों की समर्पित आध्यात्मिक सेवाओं, समाज कल्याण तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि
जब हम स्वयं को आत्मा के रूप में अनुभव कर परमात्मा से अपना संबंध जोड़ते हैं, तब आत्मा के दिव्य गुण सहज रूप से प्रकट होने लगते हैं। यही आध्यात्मिक जागरूकता मानवता के उज्ज्वल, शांतिमय और श्रेष्ठ भविष्य का आधार बनती है तथा मिलकर हम एक बेहतर विश्व का निर्माण कर सकते हैं।
यह स्वर्ण सेवा जयंती समारोह ब्रह्माकुमारीज़ की पाँच दशकों की सफल आध्यात्मिक सेवाओं का प्रेरणादायी उत्सव बना, जिसने मानवता के उज्ज्वल भविष्य के लिए आध्यात्मिक मूल्यों, राजयोग तथा वैश्विक एकता का सशक्त संदेश प्रदान किया।






















