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क्या जीवन आपके लिए एक कॉम्पिटिशन है?

क्या जीवन आपके लिए एक कॉम्पिटिशन है?
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कॉम्पिटिशन माना हममें से कौन बेहतर है, कौन नंबर वन है? क्या आप जानते हैं कि, दूसरों से बेहतर बनने की चाहत, एक कभी न ख़त्म होने वाली रेस है। इस रेस में शामिल होने से हमारी प्रेम, देखभाल और सहयोग करने की एनर्जी ब्लॉक होने लगती है।

हममें से ज्यादातर लोग यह मानते हुए बड़े हुए हैं या फिर कंडीशन्ड हैं कि, जीवन एक प्रतिस्पर्धा यानि कॉम्पिटिशन है।

आइए इसको और बारीकी से समझें:,

1. प्रतिस्पर्धा केवल आपकी प्रोफेशनल लाइफ तक ही सीमित नहीं है। आप अपने परिवार में रहकर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं - जैसे कि, कौन अधिक प्यार करता है, कौन घर की बेहतर देखभाल करता है या कौन अधिक कमाता है इत्यादि।

2. प्रतिस्पर्धा करने की आपकी नेचर, आदत बन जाती है। दूसरों से आगे रहने की कोशिश में आप अपनी अवेयरनेस को खो सकते हैं और अनजाने में ही सही, हर समय भय, तनाव और चिंता में रह सकते हैं।

3. जब आप किसी से प्रतिस्पर्धा करते हैं तो यह नुकसानदायक होता है। हो सकता है कि, आप या तो अपनी पूरी क्षमता का उपयोग ही न करें और दूसरे व्यक्ति से आगे रहने में ही खुश रहें। या हो सकता है कि, आप अपनी क्षमता से कहीं अधिक काम करने लगें और तनावग्रस्त हो जाएं। ऐसे में,

आपका निर्धारित लक्ष्य कि अपना सर्वश्रेष्ठ वर्जन बनने के बजाय, दूसरों से बेहतर बनना हो जाता है।

4. कॉम्पिटिशन के बजाय कोऑपरेशन (सहयोग) को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएं। आप एक दूसरे के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि एक दूसरे के साथ हैं। और ना ही आप किसी दौड़ में हैं बल्कि आप इस यात्रा में साथ हैं। आप जो जानते हैं उसे शेयर करेंगे और आगे बढ़ते हुए, दूसरों को भी साथ लेते जाएंगे।

ये सुंदर बदलाव आपके जीवन जीने के तरीके को बदल देगा और आपको उम्मीद से अधिक सफलता दिलाएगा।give support to everyone and co-operate enthusiastically with everyone.

आज का अभ्यास

दूसरों से बेहतर बनने की दौड़ आपको कहाँ ले जा रही है? जानें क्यों कॉम्पिटिशन छोड़कर कोऑपरेशन जीवन को आसान बनाता है।

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