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स्टूडेंट्स में आंतरिक शक्ति बढ़ाने के कदम (भाग 2)

स्टूडेंट्स में आंतरिक शक्ति बढ़ाने के कदम (भाग 2)
Journey

हमने समझा कि परीक्षा के दौरान शांत और मजबूत कैसे रहें। उतना ही जरूरी है कि रिज़ल्ट के समय भी हम स्थिर और सकारात्मक बने रहें। आइए जानें ये कैसे हो सकता है:

स्टूडेंट के रूप में मेरी भूमिका -

  1. 1हर छात्र की प्रतिभा और क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए मुझे कभी भी अपने परिणाम की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए। मुझे केवल अपने आप से एक ही प्रश्न पूछना है – क्या मैंने अपनी पूरी क्षमता के अनुसार अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है?
  2. 2यदि मैंने परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है, तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। रिज़ल्ट आने से पहले चिंता करना मेरे स्वास्थ्य पर असर डालेगा, लेकिन मेरे नंबर नहीं बढ़ाएगा।
  3. 3अगर मैंने अपना पूरा प्रयास नहीं किया और इसलिए नंबर कम आए, तो मुझे दुख या पीड़ा में नहीं जाना चाहिए। कभी-कभी मन में गिल्ट के विचार आएंगे, लेकिन समझदारी से मैं तुरंत अपनी सोच बदलूँगा/बदलूँगी – मैं बीते हुए समय में उलझकर अपनी ऊर्जा और समय व्यर्थ नहीं करूँगा/करूँगी। जो हो गया, वह समाप्त हो गया। अब मैं वर्तमान पर ध्यान दूँगा/दूँगी, ताकि आने वाली परीक्षाओं में बेहतर कर सकूँ।
  4. 4अगर मैंने अपनी पूरी क्षमता से प्रयास किया, फिर भी नंबर कम आए, तो मुझे बिल्कुल भी गिल्ट महसूस नहीं करना चाहिए। बस एक संकल्प रखें – मुझे अपने प्रयास पर गर्व है और मैं बिना उत्साह खोए आगे भी ऐसे ही पूरा प्रयास करता/करती रहूँगा/रहूँगी।

माता-पिता (या परिवार) की भूमिका-

  1. 1कम नंबर आने पर बच्चे रिज़ल्ट से ज़्यादा माता-पिता के रिएक्शन से डरते हैं। अगर हम गुस्सा करते हैं, दुख जताते हैं, बार-बार रिज़ल्ट की बात करते हैं या मन में भी यही सोचते रहते हैं, तो हम अनजाने में अपने बच्चे तक अस्वीकार होने का भाव पहुँचा देते हैं, जबकि वह पहले से ही दुखी होता है।
  2. 2मेरी पहली भूमिका है स्थिति को स्वीकार करना और शांत मन से प्रतिक्रिया देना। समझना है कि इस समय मेरे बच्चे को डाँट नहीं, बल्कि सहारे और सहानुभूति की जरूरत है।
  3. 3मेरी दूसरी भूमिका है अपने बच्चे को शक्ति देना। मैं उसे बिना शर्त प्यार और करुणा दूँ, जिससे उसकी अंदरूनी शक्ति भी बढ़े और वह अगली बार बेहतर कर सके। इससे हमारे रिश्ते भी मजबूत होते हैं।
  4. 4परीक्षा और अच्छे नंबर ज़रूरी हैं, लेकिन मैं खराब रिज़ल्ट को अपने घर की सेहत, खुशी और आपसी शांति पर असर नहीं डालने दूँगा/दूँगी।

आज का अभ्यास

आज हम अपने परिणाम की तुलना किसी से नहीं करेंगे। बस स्वयं से पूछेंगे, क्या हमने अपनी क्षमता अनुसार श्रेष्ठ प्रयास किया और आगे भी करते रहेंगे?

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