Command Palette
Search for a command to run...
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Loading murli page
Home
Search
BKOne
Library
Settings
Loading topic
Home
Topics
ज्ञान - knowledge
ज्ञान - knowledge
30 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
30 murlis in हिंदी
06/02/1969
“महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”
04/03/1969
“जो बीता उसे हो ली करना ही होली मनाना है”
25/10/1969
“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”
25/01/1970
“यादगार कायम करने की विधि”
18/06/1970
“वृद्धि के लिए टाइम-टेबुल की विधि”
29/06/1971
“नालेज की लाइट से पुरुषार्थ का मार्ग स्पष्ट”
04/07/1971
“याद की सहज विधि”
27/02/1972
“होलीहंस बनने का यादगार - होली”
02/04/1972
“महिमा योग्य कैसे बनें?”
16/06/1972
“हर्षित रहना ही ब्राह्मण जीवन का विशेष संस्कार”
26/06/1972
“इफेक्ट से बचना अर्थात् परफेक्ट बनना”
22/11/1972
“अन्तिम सर्विस का अन्तिम स्वरूप”
08/06/1973
“सर्वश्रेष्ठ शक्ति - परखने की शक्ति”
02/02/1975
“स्व-चिन्तक, शुभ-चिन्तक और विश्व-परिवर्तक”
09/02/1975
“आध्यात्मिक शक्तियों द्वारा विश्व-परिवर्तन कैसे?”
22/09/1975
“स्वमान में स्थित होना ही सर्व खजानें और खुशी की चाबी है”
02/02/1977
“सदा अलंकारी स्वरूप में स्थित रहने वाला ही स्वयं द्वारा, बाप का साक्षात्कार करा सकता है”
09/03/1981
“मेहनत समाप्त कर निरन्तर योगी बनो”
27/03/1981
“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”
29/03/1981
“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”
03/04/1991
“सर्व हदों से निकल बेहद के वैरागी बनो”
01/04/1992
“उड़ती कला का अनुभव करने के लिए दो बातों का बैलेन्स - ज्ञानयुक्त भावना और स्नेह युक्त योग”
13/10/1992
“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”
10/01/1994
“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना - यही सेफ्टी का साधन है”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
04/12/1995
“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”
03/02/2002
“लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ, सर्व खजानों में सम्पन्न बनो''
31/12/2002
“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”
04/09/2005
“शिक्षा के साथ क्षमा और रहम को अपना लो, दुआयें दो, दुआयें लो तो आपका घर आश्रम बन जायेगा”
31/03/2007
“सपूत बन अपनी सूरत से बाप की सूरत दिखाना, निर्माण (सेवा) के साथ निर्मल वाणी, निर्मान स्थिति का बैलेन्स रखना”