21 जून 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ग्रेटर कैलाश-2, नई दिल्ली सेवा केंद्र की प्रभारी बीके संगीता दीदी ने लेह-लद्दाख में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ध्यान महोत्सव 2026 में भाग लेकर राजयोग ध्यान एवं आध्यात्मिक जीवनशैली का प्रेरणादायी संदेश दिया। महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC), लेह द्वारा आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षुओं, आध्यात्मिक गुरुओं, विद्वानों, सरकारी अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
समापन समारोह में बीके संगीता दीदी को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने
"समग्र कल्याण, आध्यात्मिकता, करुणा और राजयोग ध्यान की परिवर्तनकारी शक्ति" विषय पर अपने विचार रखते हुए बताया कि आत्म-जागरूकता, सकारात्मक चिंतन और ईश्वर से जुड़ाव के माध्यम से व्यक्ति तनावमुक्त, संतुलित और मूल्यनिष्ठ जीवन जी सकता है।
महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर के संस्थापक भिक्षु संघसेन जी ने ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि
राजयोग ध्यान आंतरिक शांति का प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने बीके संगीता दीदी के मार्गदर्शन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक ज्ञान सम्पूर्ण मानवता के लिए कल्याणकारी है।
महोत्सव के दौरान बीके संगीता दीदी ने महाबोधि रेसिडेंशियल स्कूल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं बुद्धिजीवियों के साथ राजयोग ध्यान, आत्मिक शांति और मूल्य आधारित शिक्षा पर संवाद किया। विद्यार्थियों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर एकाग्रता, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति का अनुभव किया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्वभर में संचालित राजयोग मेडिटेशन, मूल्य शिक्षा, तनावमुक्त जीवन और विश्व-शांति सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी आध्यात्मिक पहल आज के समय में समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही है। यह सहभागिता ब्रह्माकुमारीज़ के "विश्व परिवर्तन का आधार—आत्म परिवर्तन" के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की एक प्रेरणादायी पहल रही।





















