ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय शान्तिवन, आबू रोड में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का भव्य शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह राष्ट्रव्यापी अभियान भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "नशा मुक्त युवा – विकसित भारत" संकल्प के आह्वान से प्रारंभ हुआ। प्रधानमंत्री जी ने देशभर में आयोजित 10,000 से अधिक कार्यक्रमों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि
विकसित भारत के निर्माण के लिए देश का युवा तन, मन और आत्मा से स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने विद्यालय, महाविद्यालय और समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुँचाने तथा अगले 100 सप्ताह तक इस जन-जागरण अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

शान्तिवन स्थित विशाल डायमंड हॉल में आयोजित मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण देशभर के प्रमुख ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केन्द्रों एवं रिट्रीट केन्द्रों पर किया गया। कार्यक्रम में हजारों भाई-बहनों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी, राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी, महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई, राजयोगी बीके डॉ. प्रताप मिड्ढा भाई तथा मेडिकल विंग के सचिव बीके डॉ. बनारसी लाल भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में बीके संतोष दीदी ने कहा कि
आज समाज को केवल नशा मुक्ति ही नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति की भी आवश्यकता है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है, जिससे वह किसी भी प्रकार की बुरी आदत और व्यसन पर विजय प्राप्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं से आत्मसम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित जीवन अपनाने का आह्वान किया।
बीके सुदेश दीदी ने कहा कि
वास्तविक नशा परमात्म प्रेम, आत्मिक सुख और आध्यात्मिक आनंद का है। जब मनुष्य राजयोग के अभ्यास से स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ता है, तब उसके भीतर ऐसी संकल्प शक्ति विकसित होती है, जो उसे सभी प्रकार के व्यसनों से मुक्त कर देती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही जीवन को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम है।

महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि
नशा मानवता का सबसे बड़ा शत्रु है और यह अभियान केवल 10 करोड़ लोगों से प्रतिज्ञा करवाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रह्माकुमारीज़ के लाखों सेवाधारी आगामी 100 सप्ताह तक देश के कोने-कोने में जाकर युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और समाज के प्रत्येक वर्ग को नशा मुक्त जीवन के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि "जहाँ निश्चय है, वहाँ सफलता निश्चित है, और भारत को नशा मुक्त बनाना हमारा सामूहिक संकल्प है।"

अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि
स्थायी नशा मुक्ति केवल कानून या दवाइयों से नहीं, बल्कि मन की शक्ति से संभव है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प का विकास करता है, जिससे वह किसी भी व्यसन से सहज रूप से मुक्त हो सकता है।

राजयोगी बीके डॉ. प्रताप मिड्ढा भाई ने कहा कि
स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए नशा मुक्त समाज आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।
बीके डॉ. बनारसी लाल भाई ने अपने उद्बोधन में कहा कि
तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थ अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के साथ आध्यात्मिक सशक्तिकरण और राजयोग मेडिटेशन ही व्यक्ति को स्थायी रूप से नशे से मुक्त जीवन जीने की शक्ति प्रदान करता है।

कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पंचायती राज, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी ने कहा कि
नशा समाज और राष्ट्र दोनों के लिए विनाशकारी है तथा ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा प्रारंभ किया गया यह अभियान देश के युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांसद श्री लुम्बाराम चौधरी, विधायक श्री समाराम गरासिया तथा एसडीएम श्री रामस्वरूप जाखड़ ने भी इस अभियान की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्त भारत की शपथ ली तथा संकल्प किया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण के इस जनआंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाएँगे।

यह अभियान आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जन-जागरण कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिससे भारत को नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और मूल्यनिष्ठ राष्ट्र बनाने की दिशा में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।




















