दिनांक 8 जनवरी 2026 को आबू रोड एवं माउंट आबू क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा “हम बाबा से हैं” की भावना को साकार करते हुए मानवता की सशक्त सेवा संपन्न की गई। जनवरी मास ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के लिए अत्यंत पावन एवं ऐतिहासिक है, क्योंकि इसी माह 18 जनवरी को संस्थान के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं स्मृति के साथ मनाई जाती है।
इसी पुण्य अवसर के उपलक्ष्य में संस्थान में कार्यरत श्रमिकों एवं सुरक्षा कर्मियों को कड़ाके की सर्दी से बचाव हेतु लगभग 2000 भाई-बहनों को कंबल वितरित किए गए। यह सेवा केवल शारीरिक राहत ही नहीं, बल्कि आत्मिक स्नेह, सम्मान और अपनत्व का अनुभव कराने वाली रही।
इस अवसर पर उपस्थित भाई-बहनों को सर्दी से बचाव के साथ-साथ नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी गई। बताया गया कि नशा न केवल शरीर का, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा का भी नाश करता है। जैसे ब्रह्मा बाबा ने तपस्या, पवित्रता और आत्मिक पुरुषार्थ द्वारा अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाया, वैसे ही प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को श्रेष्ठ दिशा देने का संकल्प लेना चाहिए, जिससे स्वयं के साथ-साथ परिवार और समाज की दशा व दिशा भी सुधर सके।
कार्यक्रम में डूंगरपुर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके विजय, महिला प्रभा की राष्ट्रीय संयोजिका बीके डॉ. सविता, बीके उर्मिला, बीके सुधीर, बीके अमृत एवं बीके अमरदीप सहित अनेक वरिष्ठ भाई-बहन उपस्थित रहे।
कंबल प्राप्त करने वाले श्रमिकों एवं सुरक्षा कर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और ईश्वरीय है, जहां उन्हें सम्मान, भोजन एवं समय-समय पर सौगातें भी प्राप्त होती हैं।
यह समस्त सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज़ की “हम बाबा से हैं” भावना को सजीव करते हुए मानवता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण का सशक्त संदेश देता रहा।



























