12 जुलाई 2026, शांतिवन (आबू रोड): ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्व बंधुत्व, सेवा, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली आठवीं दादी प्रकाशमणि आबू हाफ मैराथन की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। शांतिवन स्थित दादी जी मीटिंग हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
ब्रह्माकुमारीज़ की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में आयोजित यह मैराथन 9 अगस्त 2026 को प्रातः 5:00 बजे मनमोहिनी वन से अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ होगी। 21.9 किलोमीटर लंबी इस दौड़ को लेकर युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस वर्ष दादी प्रकाशमणि आबू हाफ मैराथन ने लोकप्रियता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पहली बार 3,900 धावकों ने पंजीकरण कराया, जिसके चलते निर्धारित संख्या पूर्ण होने पर पंजीकरण समय से पहले ही पंजीकरण बंद करना पड़ा।
संस्था के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि
दादी प्रकाशमणि जी का संपूर्ण जीवन विश्व बंधुत्व और मानव सेवा का प्रेरक संदेश रहा है तथा यह मैराथन उसी भावना को समाज तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने बताया कि
आबू रोड, माउंट आबू के सामाजिक संगठन, पुलिस प्रशासन, सीआरपीएफ तथा विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन प्रत्येक वर्ष नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
बैठक में जानकारी दी गई कि सभी धावकों को विशेष ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी टाइमिंग एवं पूरी दूरी का सटीक रिकॉर्ड रखा जा सकेगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत निगरानी रखी जा सकेगी। मैराथन पूर्ण करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
बैठक में सी विंग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल भाई, वरिष्ठ राजयोगी बीके प्रकाश भाई, बीके सीए ललित भाई, आवास एवं निवास प्रभारी बीके देव भाई, सफाई विभाग प्रभारी बीके जगदीश भाई सहित विभिन्न विभागों के प्रभारी उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को भव्य, सुरक्षित एवं अनुशासित बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
यह मैराथन विश्व बंधुत्व दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की जाती है। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी का जीवन सम्पूर्ण मानवता को एक परिवार के रूप में देखने, धर्म, जाति, मत, पंथ, आयु तथा सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को एक परमपिता परमात्मा की संतान मानने की प्रेरणा देता है। यही संदेश इस मैराथन के माध्यम से समाज तक पहुँचाया जा रहा है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सेवा, संस्कार और स्वास्थ्य का प्रेरणादायी संदेश देते हुए सफलता के नए शिखर स्थापित करेगा।


























