18 जुलाई 2026, माउंट आबू/आबू रोड। त्रिपुरा सरकार के अनुसूचित जाति कल्याण, पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री सुधांशु दास ने ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय का आध्यात्मिक प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने आबू रोड एवं माउंट आबू स्थित विभिन्न सेवा केंद्रों का भ्रमण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव प्राप्त किया तथा ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा मानवीय मूल्यों, आध्यात्मिक जागृति एवं विश्व शांति के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की।

मुख्यालय आगमन पर संस्था के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी, राजयोग शिक्षिका बीके सेविका, चिकित्सा प्रभाग के सचिव बीके डॉ. बनारसी लाल भाई, त्रिपुरा से बीके रोमिता तथा अन्य ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों ने मंत्री जी का पुष्पगुच्छ, दुपट्टा, पट्टा एवं फेटा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर उन्हें ईश्वरीय सौगात भी भेंट की गई।


प्रवास के दौरान मंत्री श्री सुधांशु दास ने स्वयं इलेक्ट्रिक कार चलाकर शांतिवन परिसर का भ्रमण किया और वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता एवं आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया। उन्होंने शिव भोलेनाथ के भंडारे सहित विभिन्न सेवा स्थलों का अवलोकन किया, ज्ञान सरोवर का भ्रमण किया तथा पांडव भवन में राजयोग मेडिटेशन का विशेष अनुभव प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने सम्मेलन सभागार में चल रही आध्यात्मिक कक्षा में सहभागिता कर राजयोग ज्ञान का श्रवण किया। इस अवसर पर मंत्री जी ने ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी से स्नेहपूर्ण भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

डायमंड हॉल में अपने अनुभव साझा करते हुए श्री सुधांशु दास ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ का शांत, सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण जीवन में नई ऊर्जा, प्रेरणा और आंतरिक शांति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि माउंट आबू में बिताया गया समय उनके जीवन का अत्यंत यादगार एवं आत्मिक अनुभव रहा।

उन्होंने कहा,
"मुझे यहाँ आकर हृदय की गहराइयों तक प्रशांति का अनुभव हुआ। यहाँ के आध्यात्मिक नेताओं के प्रेरणादायी विचारों ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि शरीर, मन और आत्मा का वास्तविक समन्वय यदि कहीं संभव है, तो वह इस पावन आध्यात्मिक वातावरण में है।"
उन्होंने आगे कहा,
"यहाँ की दीदियों और भाइयों ने जिस आत्मीयता, प्रेम और सेवा-भाव से हमारा स्वागत किया, उसके लिए मैं हृदय से उनका धन्यवाद करता हूँ। इस पुण्यभूमि माउंट आबू तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रति मैं अपनी श्रद्धा एवं शत-शत नमन अर्पित करता हूँ। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि वे हम सभी को स्वस्थ जीवन, शांत मन और आत्मिक शक्ति का आशीर्वाद प्रदान करें, ताकि हम मानवता की सेवा करते हुए आगे बढ़ते रहें।"

समापन में मंत्री श्री सुधांशु दास ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और विश्व शांति के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।























