पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन की दिशा में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा एक महत्वपूर्ण हरित पहल का शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार द्वारा 10 वर्षों के लिए उपलब्ध कराई गई 16 बीघा भूमि पर वृक्षारोपण अभियान का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस परियोजना के अंतर्गत चरणबद्ध रूप से 5000 से अधिक पौधे रोपकर इस भूमि को भविष्य में एक विशाल एवं सुसंपन्न हरित उपवन के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई सहित संस्थान के वरिष्ठ भाई-बहनों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संवर्धन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया। सभी ने संकल्प व्यक्त किया कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, आध्यात्मिक चेतना और श्रेष्ठ संकल्पों के साथ किया गया प्रत्येक प्रयास मानवता के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनता है।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि
इस भूमि को एक आदर्श हरित परिसर के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग, सेवाभाव और निरंतर प्रयासों से आने वाले वर्षों में यह भूमि हजारों वृक्षों से आच्छादित होकर पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणास्रोत बनेगी।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस अभियान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने वन महोत्सव, पौधरोपण, पौधों की उपलब्धता तथा वन क्षेत्र के विकास में ब्रह्माकुमारीज़ के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। अधिकारियों ने कहा कि इस संयुक्त प्रयास से न केवल क्षेत्र हराभरा होगा, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागृति भी उत्पन्न होगी।
यह हरित अभियान प्रकृति, पर्यावरण और आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण है, जो समाज को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पृथ्वी को हराभरा बनाने के लिए प्रेरित करता है।



























