ब्रह्माकुमारीज़ लातूर सेवाकेंद्र द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस तथा परम आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. दादी प्रकाशमणि जी के 18वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 22 से 25 अगस्त तक चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर लातूर शहर, औसा एवं मुरुड सेवाकेंद्रों सहित विभिन्न कॉलेजों के सहयोग से आयोजित इस सेवा कार्य में कुल 300 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ लातूर सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नंदा दीदी के मार्गदर्शन में हुआ। दीदी ने बताया कि रक्तदान महादान है और मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। साथ ही उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि दादी प्रकाशमणि जी का जीवन ईश्वरीय सेवा और मानव कल्याण को समर्पित रहा है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को शांति, सेवा और विश्व बंधुत्व की ओर प्रेरित कर रही हैं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत कर अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए।
लातूर के सांसद डॉ. शिवराज काळगे जी ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को रक्तदान हेतु प्रोत्साहित किया।
लातूर ग्रामीण तालुका के विधायक रमेशप्पा कराड जी ने ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था समाज के सभी वर्गों के लिए उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करती है।
लातूर जिला के पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ भाईचारा, प्रेम और शांति का अनूठा संदेश देते हैं।
औसा तालुका के विधायक अभिमन्यू पवार जी ने रक्तदान को महापुण्य का कार्य बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यक्रमों में उन्हें हमेशा शांति का अनुभव होता है।
लातूर शहर भाजपा की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना पाटील जी ने रक्तदान को महादान बताया और सभी को प्रत्येक तीन माह में नियमित रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया।
विशेष रूप से लातूर सेवाकेंद्र की उपसंचालिका ब्रह्माकुमारी पुन्या दीदी ने भी इस अवसर पर अपना 25वां रक्तदान कर सभी के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि लातूर शहर के लगभग 14 स्थानों पर रक्तदान शिविर संपन्न हुआ, जिससे हजारों लोगों तक ईश्वरीय संदेश पहुंचा। आम नागरिकों से लेकर शहर के गणमान्य व्यक्तियों तक सभी ने बढ़-चढ़कर रक्तदान में भाग लिया और मानवता की इस सेवा को सफल बनाया।
इस प्रकार, परम श्रद्धेय राजयोगिनी डॉ. दादी प्रकाशमणि जी के पुण्य स्मृति दिवस पर आयोजित इस सेवा कार्य ने समाज में सहयोग, भाईचारे और शांति की भावना को और अधिक सशक्त किया।






















