2 जुलाई 2026 को हैदराबाद स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के शांति सरोवर की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके सुमन लता ने प्रतिष्ठित टेडएक्स मंच पर आमंत्रित वक्ता के रूप में अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए।
विश्व स्तर पर नवीन और परिवर्तनकारी विचारों को मंच प्रदान करने वाले टेडएक्स पर उनका संबोधन ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक मूल्यों तथा मानवीय सेवाओं की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का सशक्त उदाहरण बना।
उन्होंने "द आर्ट ऑफ पॉज़िंग" विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जीवन की निरंतर भागदौड़ के बीच कुछ क्षणों का सचेत विराम व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है, सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है तथा उसके भीतर सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जैसे प्रकृति में गति और स्थिरता दोनों का अपना-अपना महत्व है, उसी प्रकार जीवन में भी आंतरिक शांति और ठहराव आवश्यक है। मन की स्पष्टता अधिक सोचने से नहीं, बल्कि विचारों को शांत और स्थिर करने से प्राप्त होती है। जब मन शांत होता है, तभी जीवन में प्रकाश, विस्तार और वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव संभव होता है।
बीके सुमन लता के प्रेरणादायक विचारों को कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने सराहा। उनका यह उद्बोधन राजयोग ध्यान की उपयोगिता तथा आंतरिक शांति के संदेश को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में सफल रहा।


























