17 जुलाई 2026 | हैदराबाद: ब्रह्माकुमारीज़ के शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में वैज्ञानिक, अभियंता एवं वास्तुकार प्रभाग द्वारा "साइंस मीट्स स्पिरिचुअलिटी – क्रिएटिंग ए गोल्डन फ्यूचर" विषय पर भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा ब्रह्माकुमारीज़ के भाई-बहनों ने विज्ञान, आध्यात्म और मानवीय मूल्यों के समन्वय पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन के प्री-इनॉगुरल सत्र का आयोजन शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके कुलदीप दीदी के सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर श्री ए. पुल्लैया, सचिव, राज्य तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण बोर्ड; श्री एम. श्रीनिवास राव, पूर्व मंत्री एवं अवंती समूह के अध्यक्ष; तथा बीके गिरीश ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि आत्मचेतना एवं आध्यात्मिक मूल्यों के साथ विज्ञान का समन्वय मानवता के लिए कल्याणकारी और स्वर्णिम भविष्य के निर्माण का आधार बन सकता है।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वैज्ञानिक, अभियंता एवं वास्तुकार प्रभाग की सचिव बीके अंजलि ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथियों में डॉ. पी. के. जैन, पूर्व एसोसिएट डायरेक्टर, एसीआरआई; कर्नल हरपाल सिंह ग्रेवाल, निदेशक, ईएससीआई; प्रो. टी. किशन कुमार रेड्डी, कुलपति, जेएनटीयू; तथा श्री नवीन मित्तल (आईएएस), विशेष मुख्य सचिव, तेलंगाना सरकार ने विज्ञान एवं मानवीय मूल्यों के समन्वय की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
वैज्ञानिक, अभियंता एवं वास्तुकार प्रभाग के चेयरमैन बीके मोहन सिंघल भाई ने वैज्ञानिक चेतना के साथ आध्यात्मिक चेतना को जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यही समन्वय विश्व में शांति, संतुलन और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
कार्यक्रम के समापन पर मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री कश्यप रेड्डी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विज्ञान और आध्यात्म को एक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बीके विष्णुप्रिया द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन पर बल देते हुए कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर ही विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
सम्मेलन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने विज्ञान के साथ आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाकर सकारात्मक, संतुलित एवं स्वर्णिम भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।



























