3 जून 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूजियम द्वारा आयोजित विशेष युवा कार्यशाला “भय और चिंता से मुक्ति” युवाओं के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मकता एवं आंतरिक शक्ति का प्रेरणादायी संगम बन गई। कार्यक्रम में 100 से अधिक युवाओं ने सहभागिता कर राजयोग ध्यान एवं आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से तनावमुक्त एवं सशक्त जीवन जीने की कला सीखी।
आबूराजस्थान से पधारे बीके श्रीनिधि ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भय और चिंता का वास्तविक कारण बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि हमारे विचार और धारणाएँ हैं। उन्होंने युवाओं को परिस्थितियों से प्रभावित होने के बजाय अपनी आंतरिक शक्तियों से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आत्म-स्मृति में स्थित होकर “मैं आत्मा हूँ, निडर हूँ और विजय हूँ” जैसे स्वमानों को धारण करने से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकता है।
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके मुन्नी दीदी, बीके अंजलि एवं बीके सुप्रिया ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए
युवाओं को सकारात्मक चिंतन, आत्मविश्वास तथा परमात्म स्मृति द्वारा जीवन में सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय एटलस एवं विषयगत मानचित्रण संगठन के निदेशक डॉ. विनोद सिंह ने कहा कि
यदि युवा अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान लें तो वे स्वयं के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं को भय से मुक्त होकर निरंतर प्रयासरत रहने तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
कार्यशाला के दौरान राजयोग ध्यान का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने मानसिक शांति, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
इसी श्रृंखला में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े नर्सिंग विद्यार्थियों, नर्सों एवं चिकित्सकों के लिए कोलकाता की विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बेल व्यू क्लीनिक में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 80 नर्सों एवं वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों ने भाग लिया।
इसके पश्चात प्रियवदा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में “पॉजिटिव थिंकिंग फॉर इनर वेल-बीइंग” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में लगभग 250 नर्सिंग विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की। संस्था की प्राचार्य प्रोफेसर दीपा सरकार डे की उपस्थिति में बीके श्रीनिधि ने सकारात्मक सोच एवं आंतरिक कल्याण पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर बीके सुप्रिया एवं बीके चंदा ने प्राचार्य प्रोफेसर दीपा सरकार डे को ईश्वरीय साहित्य एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इसके अतिरिक्त कोलकाता मेडिकल कॉलेज में आयोजित विशेष सत्र में लगभग 100 डॉक्टरों एवं नर्सों ने भाग लिया। कार्यक्रम में “हाउ टू बी कम्पैशनेट” विषय पर मार्गदर्शन दिया गया तथा ब्रह्माकुमारीज़ के विहासा प्रोजेक्ट की जानकारी साझा की गई। प्रतिभागियों को करुणा, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपने व्यावसायिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को राजयोग ध्यान, आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक जीवनशैली के व्यावहारिक सूत्र प्राप्त हुए, जिससे वे अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में अधिक संतुलित, शांत एवं प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हुए।




























