09 सितम्बर 2025 को लक्ष्मणगढ़, राजस्थान में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पूरे दिन विभिन्न स्थानों पर कई कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में समाज के विविध वर्गों के लोग सम्मिलित हुए और नशामुक्त जीवन जीने की शपथ लेकर इस अभियान को सशक्त बनाया।
अभियान का शुभारम्भ प्रातः 08:30 बजे ब्रह्माकुमारीज़ लक्ष्मणगढ़ केन्द्र से हुआ। इस अवसर पर लक्ष्मणगढ़ उपखंड अधिकारी श्री मोहर सिंह मीणा तथा राजकीय चिकित्सालय के पीएमओ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अटल ने उपस्थित होकर नशा मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस उद्घाटन कार्यक्रम में 100 लोगों ने नशामुक्त रहने की शपथ ली।
प्रातः 09:30 से 10:30 बजे तक श्री रघुनाथ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लक्ष्मणगढ़ में छात्रों हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रार्थना और स्वागत गीत से हुआ। ब्रह्माकुमारीज़ बहनों ने छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव समझाते हुए कहा कि सफलता और खुशी का आधार एक अनुशासित व नशामुक्त जीवन ही है। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान अनेक विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भी इस पहल की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में 1230 विद्यार्थियों ने नशामुक्त जीवन की प्रतिज्ञा ली।
दोपहर 12:30 से 01:30 बजे गोगामेड़ी मंदिर, यारसर गाँव में आयोजित कार्यक्रम में 198 लोगों ने संकल्प लिया। यहां प्रतिभागियों को ध्यान और स्वस्थ जीवनशैली के अभ्यास की जानकारी दी गई। युवाओं को राष्ट्र की शक्ति बताते हुए उन्हें इस मुहिम में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
शाम 06:00 से 07:00 बजे घंटाघर लालकुआँ पर तथा 07:00 से 07:30 बजे पुराना बस स्टैंड पर हुए कार्यक्रमों में क्रमशः 159 और 225 प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया। दोनों ही स्थानों पर उपस्थित लोगों को बताया गया कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करनी होगी और सामूहिक संकल्प से ही समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाया जा सकता है।
रात्रि 07:30 से 08:00 बजे बायपास पुलिया पर आयोजित सभा में 42 लोगों ने शपथ ली। यहाँ भी युवाओं को जागरूक करते हुए यह कहा गया कि राष्ट्र की प्रगति के लिए युवा पीढ़ी का नशामुक्त रहना अनिवार्य है।
पूरे दिन के इस अभियान के अंतर्गत कुल 2054 लोगों ने नशामुक्त जीवन जीने की शपथ ली।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के वरिष्ठ बहनों ने अपने संदेश में कहा कि नशा जीवन की सबसे बड़ी कमजोरी है। आत्मबल, ध्यान और सकारात्मक विचारों से ही इसे त्यागा जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मुहिम में आगे बढ़कर राष्ट्र को स्वस्थ, सुखी और सशक्त बनाने में योगदान दें।























