भारत सरकार के लोकसभा सचिवालय के 45 वरिष्ठ अधिकारियों ने ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में आयोजित “प्रोफेशनलिज्म एंड वर्क एथिक्स” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता की। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस विशेष सत्र का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यकुशलता को नैतिक मूल्यों, कर्मयोग और आध्यात्मिक चेतना से समृद्ध करना था।
कार्यक्रम में ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बी.के. आशा दीदी ने प्रशासन में नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
मूल्यनिष्ठ कार्यप्रणाली ही प्रगतिशील, स्थायी और सुदृढ़ प्रशासन की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यों में नैतिकता और श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राजयोग शिक्षिका बी.के. विधात्री ने प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से
कार्यस्थल पर नैतिकता एवं व्यावसायिक आचरण के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन और कार्यशैली में अपनाकर कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता तथा कार्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बेहतर बनाया जा सकता है।
इस प्रशिक्षण सत्र में संयुक्त निदेशक एवं उपसचिव स्तर के 45 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान निर्देशित राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को मानसिक शांति, आंतरिक स्थिरता और आत्मचिंतन का अनुभव प्राप्त हुआ।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर के शांत वातावरण, आध्यात्मिक चर्चाओं और आत्मीय आतिथ्य से प्रभावित अधिकारियों ने कार्यक्रम में प्राप्त सीख को अपने कार्यक्षेत्र में अपनाने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों के लिए ओआरसी आने की इच्छा जताई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बना। कार्यक्रम ने संदेश दिया कि आध्यात्मिक चेतना और व्यावसायिक उत्कृष्टता के समन्वय से मूल्यनिष्ठ, प्रभावशाली और जनकल्याणकारी प्रशासन का निर्माण किया जा सकता है।
























