विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ORC) में शिव शक्ति लीडरशिप अप्रोच के अंतर्गत इनर व्हील संस्था की 110 महिला लीडर्स के लिए दो दिवसीय अनुभवात्मक रिट्रीट का आयोजन किया गया। ‘From Heart to Hope’ विषय पर आधारित इस रिट्रीट में प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक चिंतन, ध्यान, रचनात्मक गतिविधियों और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से आंतरिक शांति, आत्मबल और सकारात्मकता का अनुभव किया।
कार्यक्रम में इनर व्हील क्लब्स ऑफ इंडिया की पूर्व अखिल भारतीय एसोसिएशन अध्यक्षा प्रीति गुगनानी, डिस्ट्रिक्ट 301 की चेयरमैन दीपा गोयल, डिस्ट्रिक्ट 308 की चेयरमैन किरण जैन तथा डिस्ट्रिक्ट 309 की पूर्व डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन नीता पुरी सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत महिला लीडर्स ने सहभागिता की।
रिट्रीट का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी एवं ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके आशा दीदी के प्रेरणादायी वीडियो संदेशों से हुआ। दिल्ली के पांडव भवन सबज़ोन की निदेशिका बीके पुष्पा दीदी ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
माउंट आबू से पधारीं शिव शक्ति लीडरशिप की फोकल पॉइंट पर्सन बीके डॉ. सुनीता ने ध्यान एवं विशेष गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को बीती पीड़ाओं से ऊपर उठने, आत्मसम्मान बनाए रखने तथा आशा और सकारात्मकता के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
रिट्रीट के दौरान प्रतिभागियों ने साझा किया कि दैनिक जीवन की छोटी-छोटी घटनाएँ भी मन को आहत कर सकती हैं। इसलिए अपने विचारों और भावनाओं को समझना, स्वयं के प्रति प्रेम रखना तथा दूसरों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। प्रतिभागियों ने ओआरसी के शांतिपूर्ण वातावरण, आत्मीय स्वागत और आध्यात्मिक गतिविधियों की सराहना की। कई महिलाओं ने अनुभव किया कि इस रिट्रीट से उन्हें मानसिक विश्राम, नई ऊर्जा और जीवन की चुनौतियों का सकारात्मकता से सामना करने की प्रेरणा मिली।
दो दिनों तक चली विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभागियों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, भावनात्मक चुनौतियों को समझा तथा स्वयं और दूसरों के प्रति प्रेम, विश्वास एवं संवेदनशीलता विकसित करने का संकल्प लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, समूह गतिविधियों और आध्यात्मिक अभ्यासों ने इस आयोजन को यादगार बनाया।
समापन पर प्रतिभागियों ने आशापूर्ण एवं सकारात्मक शिव शक्ति जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। मधुबन न्यूज़ की संवाददाता बीके हर्षा ने भी प्रतिभागियों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने।
यह रिट्रीट इस संदेश का सशक्त माध्यम बना कि आध्यात्मिक चिंतन, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के द्वारा भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जा सकता है तथा जीवन में आशा, शांति और आत्मविश्वास का नया संचार किया जा सकता है।
























