7 जून 2026 को मेरिल एकेडमी, वापी में युवाओं एवं कर्मचारियों को नशा मुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से “नशा नहीं, नई दिशा चुनें” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। एकेडमी की एचआर विभाग एवं प्रोडक्शन टीम के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान राजयोग शिक्षिका बीके सोनम ने प्रेरक गतिविधियों एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के व्यसनों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ वापी सेवा केंद्र की प्रभारी बीके रश्मि बहन ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए नशा मुक्त जीवन अपनाने तथा अपने परिवार और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में धारण करने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मनोचिकित्सक डॉ. लावण्या पटेल ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जागरूकता, आत्मनियंत्रण और दृढ़ इच्छाशक्ति ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त जीवन अपनाने, सकारात्मक जीवन मूल्यों को धारण करने तथा सभी प्रकार के व्यसनों का त्याग करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
एचआर विभाग की प्रतिनिधि सुश्री ज्योति मिश्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति से संबंधित दी गई जानकारी, प्रेरणाएं और जीवन मूल्यों पर आधारित संदेश भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने संस्था द्वारा दिए गए समय एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच और नशा मुक्त जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा सिद्ध हुई तथा सभी को स्वस्थ, सुखी और मूल्यनिष्ठ जीवन जीने का संदेश प्रदान किया।





















